अंतरिक्ष में एनएसआइएल करेगा नए युग का सूत्रपात

अब उपग्रहों के अधिग्रहण और अधिकार बेचने का होगा अधिकार
टाटास्काई के लिए जीसैट-24 लांच करेगा एनएसआइएल

By: Rajeev Mishra

Published: 27 Feb 2021, 09:08 PM IST

बेंगलूरु.
सार्वजनिक क्षेत्र की देश की पहली अंतरिक्ष इकाई न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआइएल) अपना पहला मिशन इस साल के दूसरेे उत्तराद्र्ध में लांच करेगी। यह संचार उपग्रह जीसैट-24 होगा जिसका प्रक्षेपण यूरोपीय संघ के प्रक्षेपण यान एरियन स्पेस से होगा। इसके लिए एनएसआइएल को भारत सरकार की ओर से 700 करोड़ रुपए की इक्विटी दी गई है।

दरअसल, अंतरिक्ष सुधारों के तहत एनएसआइएल की स्थापना अंतरिक्ष विभाग के तहत की गई है जो उपग्रहों के अधिग्रहण और उसका अधिकार बेचने के लिए स्वतंत्र है। इसरो अध्यक्ष के.शिवन ने कहा कि 'जीसैट-24 के लिए जो राशि एनएसआइएल को दी गई है वह वास्तव में लौट आएगी। अंतरिक्ष सुधारों के तहत एनएसआइएल की भूमिका अब अंतरिक्ष परिसंपत्तियों के अधिग्रहण और उसे बेचने की भी है। पहला उपग्रह जो एनएसआइएल का होगा वह जीसैट-24 है। यह उपग्रह टाटास्काई की डीटीएच सेवाओं के लिए लांच किया जाएगा। अभी तक सभी उपग्रह इसरो के होते थे और उसकी सेवाएं अथवा अधिकार इसरो अपनी वाणिज्यिक इकाई अंतरिक्ष लिटिमेड के जरिए बेचता था। अब, एनएसआइएल के जरिए अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक नए युग का सूत्रपात होगा।'

जीसैट-20 पर भी हो रही बात
जीसैट-24 लगभग 4.1 टन वजनी संचार उपग्रह है और जिसमें 24 केयू बैंड ट्रांसपोंडर होंगे। यह उपग्रह डीटीएच सेवाओं के लिए समर्पित है। इसकी निर्माण लागत लगभग 400 करोड़ रुपए है। इसका प्रक्षेपण सितम्बर महीने में फें्रच गुएना के कौरू प्रक्षेपण स्थल से यूरोपीय संघ के प्रक्षेपण यान एरियनस्पेस से होने की उम्मीद है। जीसैट-24 के अलावा एनएसआइएल संचार उपग्रह जीसैट-20 का भी अधिग्रहण करना चाहती है। जीसैट-20 एक हाई-थ्रोपुट उपग्रह है जिसका प्रक्षेपण भी वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। शिवन ने कहा कि जीसैट-20 के अलावा डिश टीवी और एनएसआइएल के बीच एक और उपग्रह के लिए बातचीत चल रही है। शुरुआत में एनएसआइएल इसरो के कुछ उपग्रहों का अधिग्रहण करेगी लेकिन, आगे चलकर निजी क्षेत्र और स्टार्ट के उपग्रहों को भी खरीदेगी।

मांग आधारित कारोबार
एनएसआइएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जी.नारायणन ने कहा कि इस इकाई का गठन कुछ अलग उद्देश्यों को ध्यान में रखकर किया गया था लेकिन, आत्मनिर्भर भारत और अंतरिक्ष सुधारों के साथ विचार अब बिल्कुल बदल गए हैं। अब एक ऐसी पारिस्थतिक तंत्र विकसित करने की योजना है जो बाजार की मांग आधारित हो और इसमें व्यापक निवेश भी होगा। कई मोर्चों पर बातें हो रही है। फिलहाल अंतरिक्ष विभाग के साथ दो उपग्रहों के अधिग्रहण पर चर्चा हो रही है।

ये है नए युग की शुरुआत
हालांकि, एनएसआइएल का पहला प्रक्षेपण पीएसएलवी सी-51 है जिससे ब्राजील के उपग्रह अमेजोनिया-1 लांच किया जाएगा। लेकिन, इसमें उसकी भूमिका सिर्फ इसरो और विदेशी ग्राहक के बीच कड़ी तक सीमित है। शिवन ने कहा कि 'पीएसएलवी लांच में इसरो प्रक्षेपण सेवा उपलब्ध करा रहा है जबकि ब्राजील का करार एनएसआइएल के साथ हुआ है। लेकिन, जीसैट-24 और जीसैट-20 पूरी तरह एनएसआइएल का उपग्रह होगा। इसमें इसरो केवल वेंडर होगा और उपग्रह एनएसआइएल का होगा। यहीं नए युग की शुरुआत है।

Rajeev Mishra Reporting
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