पेयजल के लिए जूझ रहे पुरानी हुब्बल्ली के निवासी

पेयजल के लिए जूझ रहे पुरानी हुब्बल्ली के निवासी

Shankar Sharma | Updated: 28 Apr 2019, 11:31:26 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

पुरानी हुब्बल्ली के विभिन्न आवासीय इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। लोकसभा चुनाव की सरगर्मी में अब तक गुम हुआ पेयजल संकट सिर चढ़ कर बोलने लगा है।

हुब्बल्ली. पुरानी हुब्बल्ली के विभिन्न आवासीय इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है। लोकसभा चुनाव की सरगर्मी में अब तक गुम हुआ पेयजल संकट सिर चढ़ कर बोलने लगा है। बारिश के दौरान पुरानी हुब्बल्ली में चार-पांच दिन में एक बार जलापूर्ति की जाती थी। अब गर्मियों में आठ से दस दिन में एक बार जलापूर्ति की जा रही है। पाइप टूटने या बिजली कटौती होने पर यह अंतराल और बढ़ जाता है।


नवअयोध्या नगर, नेकार नगर, बाणतिकट्टा, हेग्गेरी, आनंद नगर, गौसिया टाउन, बैली ओणी, एसएम कृष्णा नगर, पुरानी हुब्बल्ली सर्कल, गब्बूर के आसपास के इलाकों तथा गोकुल रोड के कुछ आवासीय इलाकों की जनता को पेयजल के लिए जूझना पड़ रहा है।


पूर्व में हुब्बल्ली को मलप्रभा तथा नीरसागर जलाशयों से जलापूर्ति की जाती थी। बारिश कम होने से नीरसागर जलाशय में पानी नहीं है। मलप्रभा से ही जलापूर्ति हो रही है। मलप्रभा से जलापूर्ति के लिए जरूरी पाइपलाइन नहीं होने से शहर के लिए जरूरत के पानी की आपूर्ति करना संभव नहीं हो पा रहा है।

इसके चलते पुरानी हुब्बल्ली की जनता पानी के इन्तजार को मजबूर है। हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम तथा जलदाय विभाग की ओर से दो या फिर तीन दिन में एक बार टैंकर के जरिए जलापूर्ति की जा रही है। टैंकर के आते ही घर के सारे लोग मटकियां, घड़े, बर्तन लेकर टूट पड़ते हैं। पानी पकडऩे की जल्दबाजी में पड़ोसियों से झगड़ पड़ते हैं।

2.5 टीएमसी पानी संग्रह
जलदाय विभाग के कार्यकारी अभियंता एसएस राजगोपाल का कहना है कि मलप्रभा जलाशय में 2.5 टीएमसी फीट पानी संग्रह है। गर्मी का मौसम समाप्त होने तक जुड़वां शहर के लिए 0.6 टीएमसी फीट पानी की जरूरत है। पानी की कमी नहीं है। प्रतिदिन मलप्रभा से 6 0 से 70 एमएलडी पानी प्राप्त किया जाता था। गर्मी के चलते 90 एमएलडी पानी प्राप्त किया जा रहा है। अम्मिनभावी में जलशुद्धीकरण इकाई का कार्य चल रहा है। इस कार्य का पूरा होने पर अतिरिक्त तौर पर 40 एमएलडी पानी मिलेगा।


पर्याप्त जल संग्रह का दावा
गर्मियों के लिए पर्याप्त जल संग्रह है। सही पाइपलाइन व्यवस्था नहीं होने के कारण कुछ क्षेत्रों में टैंकर के जरिए पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। एसएस राजगोपाल, कार्यकारी अभियंता, जलदाय विभाग

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