महज एक मत पलट सकता है बाजी

महज एक मत पलट सकता है बाजी

Santosh Kumar Pandey | Publish: Apr, 17 2019 07:01:52 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

शहर में 106 वर्षीय गंजम वेंकटसुबय्या, 10६ वर्षीय सालूमरदा तिम्मक्का, 103 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी एचएस दौरेस्वामी 17वें आम चुनाव में मतदान करने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इन शतायु मतदाताओं का उत्साह हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

संजय कुलकर्णी
बेंगलूरु. शहर में 106 वर्षीय गंजम वेंकटसुबय्या, 10६ वर्षीय सालूमरदा तिम्मक्का, 103 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी एचएस दौरेस्वामी 17वें आम चुनाव में मतदान करने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इन शतायु मतदाताओं का उत्साह हम सबसे के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

लिहाजा शहर के मतदाताओं को मतदान के प्रति उदासीनता को त्याग कर शहर में अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित करना चाहिए। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने भी कई बार बेंगलूरु शहर में मतदान प्रतिशत में गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि आयोग के तमाम प्रयासों के बावजूद आज भी बेंगलूरु शहर का मतदान 65 फीसदी से अधिक नहीं हो सका है।

जागो जनमत अभियान के माध्यम से ‘राजस्थान पत्रिका’ ने मतदान के प्रति लोगों को जागरूक किया है। जागरूकता लाने का यह क्रम सतत जारी है। बेंगलूरु शहर सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जागो जनमत अभियान कार्यक्रम
किए गए। अमूमन शहर के मतदाताओं में यह सोच रहती है कि केवल मेरे एक मत से क्या होगा। इसी के कारण मतदाता मतदान केंद्र तक जाने के बजाय सैर-सपाटे पर जाने योजना बना लेते हैं। अगर मतदान दिवस के पहले तथा बाद में सार्वजनिक अवकाश होता है तो स्थिति और गंभीर हो जाती है। जैसा कि अबकी बार देखने को मिल रहा है। ऐसे में 18 अप्रेल को शहर के मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाना सभी राजनीतिक दलों के सामने किसी चुनौती से कम नहीं है।

केवल एक मत से जीत
राजनीति में एक-एक मत महत्वपूर्ण है। कर्नाटक में ऐसी कई मिसालें हैं जहां प्रत्याशियों की बहुत ही कम मतों से हार हुई। वर्ष 2004 के विधानसभा चुनाव में चामराजनगर में कांग्रेस प्रत्याशी ध्रुवनारायण को केवल एक मत से जीत हासिल हुई थी। बताया जाता है कि यह चुनाव हारने वाले एआर कृष्णमूर्ति के चालक जो इसी क्षेत्र का मतदाता था, उसने मतदान नहीं किया था। इसी चुनाव में गंडसी क्षेत्र में कांग्रेस के विधायक बी. शिवराम को 18 मतों से जीत हासिल हुई थी।
वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में कुमटा विधानसभा क्षेत्र में जनता दल-एस के प्रत्याशी दिनकर शेट्टी को 20 मतों के अंतर से जीत हासिल हुई थी। इसी चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व मुख्यमंत्री एन. धरमसिंह को जेवर्गी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के प्रत्याशी दोड्डनगौड़ा नरीबोल ने 70 मतों के अंतर से हराया था।
केवल 261 मतों से जीता आम चुनाव
वर्ष 1967 के आम चुनाव में तुमकूरु लोकसभा क्षेत्र में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी के. लकप्पा को केवल 261 मत से, 1991 में दावणगेरे में कांग्रेस प्रत्याशी चेनय्या वाडियार ने 455 मतों से जीत हासिल की थी। 2004 में कांग्रेस प्रत्याशी वेंकटेश नायक को 508 मत से और 2014 में इसी क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी वेंकटेश नायक को 1,499 मतों से जीत हासिल हुई थी।

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