ई-कॉमर्स कंपनियों को ऑनलाइन सामान बेचने की छूट का विरोध तेज

Corona Lockdown in Karnataka: देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक में भी लॉकडाउन के दौरान ई-कॉमर्स कंपनियों को ऑनलाइन सामान बेचने की छूट दिए जाने का विरोध तेज होता जा रहा है।

By: Santosh kumar Pandey

Updated: 19 Apr 2020, 08:04 AM IST

बेंगलूरु. देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक में भी लॉकडाउन के दौरान ई-कॉमर्स कंपनियों को ऑनलाइन सामान बेचने की छूट दिए जाने का विरोध तेज होता जा रहा है। नाराज व्यापारियों का कहना है कि आगामी 20 अप्रैल से ऑनलाइन गैर आवश्यक वस्तुओं की बिक्री को छूट देना अनुचित है। व्यापारियों का कहना है कि यह खुदरा व्यापार को खत्म करने की साजिश है और यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो व्यापारी सड़कों पर उतरने को विवश होंगे।

ट्रेड एक्टिविस्ट सज्जनराज मेहता का कहना है कि कोरोना महामारी से उत्पन्न घोर संकट की घड़ी में भी व्यापारी वर्ग ने तन-मन-धन से सरकार का साथ दिया है। ऐसे में केन्द्र सरकार ने नासमझी का प्रदर्शन करते हुए गलत निर्णय किया है कि 20 अप्रेल से फ्रीज, टीवी, कूलर, मोबाइल व रेडीमेड गारमेन्ट ऑनलाइन के जरिए ग्राहक खरीद सकेंगे। यह सरासर नाइंसाफी है। यह निर्णय वापस लेना चाहिए।

कांतिलाल राजपुरोहित ने कहा कि ऑनलाइन कंपनियों को व्यापार की छूट देना सभी व्यापारियों की पीठ में छुरा घोंपने समान है। करोना वायरस से लडऩे में व्यापारी पूरे,तन,मन और धन से आमजन की मदद कर रहा है। ऐसे में व्यापारी के हितों पर सरकार का कुठाराघात शोभा नहीं देता। सरकार को यह निर्णय तत्काल वापस लेना चाहिए। अन्यथा व्यापारियों को सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

एपीएमसी के चेयरमैन रमेशचंद लाहोटी सवालिया लहजे में कहते हैं कि संकट की घड़ी में यह ऑनलाइन कम्पनियां कहां थीं। ३ मई तक ऑनलाइन कंपनियों को भी व्यापार नहीं करने दिया जाए।

वहीं, मोबाइल डीलर एसोसिएशन के सदस्य प्रकाशचंद कुमावत का कहना है कि केन्द्र सरकार ने ऑनलाइन व्यापार की अनुमति देकर ऑफ लाइन व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात किया है। इससे जहां लॉकडाउन में ऑनलाइन कंपनियां व्यापार कर लेंगी वहीं लॉकडाउन के चलते ऑफ लाइन व्यापारी पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे।

Santosh kumar Pandey Desk
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