तीन राज्यों से प्रवेश पर रोक, 21 हजार से अधिक आवेदन लंबित

नए अनुरोधों को मंजूरी देने की प्रक्रिया पर रोक

By: Rajeev Mishra

Updated: 28 May 2020, 10:50 AM IST

बेंगलूरु.
महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु के लोगों का राज्य में प्रवेश पर प्रतिबंध किए जाने के बाद वापस लौटने का निश्चय कर चुके 21 हजार 607 लोगों का आवेदन ठंडे बस्ते में चला गया।

इनमें महाराष्ट्र 10 हजार 568 और तमिलनाडु से मिले 10 हजार 351 अनुरोध शामिल हैं। राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा ने पिछले 18 मई को राज्य के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु से आने वाले लोगों के अनुरोधों की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाएं। उन्होंने इन राज्यों से आने वाले लोगों में कोरोनो वायरस के मामलों की बढ़ती संख्या का हवाला दिया था। इससे पहले मार्च में राज्य सरकार ने पड़ोसी जिले कासरगोड में 100 से अधिक कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद केरल से लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। केरल के एक निर्वाचित प्रतिनिधि द्वारा अदालतों का दरवाजा खटखटाए जाने के बाद मामले को सुलझाया गया। उच्चतम न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार ने मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक सेवाओं की आवाजाही की अनुमति दी।

जब महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु से लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने की घोषणा हुई उस समय सेवा सिंधु पोर्टल पर आने वाले 75 फीसदी आवेदनों को अनुमोदित किया जा चुका था। राज्य में एक परिवार के प्रवेश के लिए एक सेवा सिंधु अनुमोदन पर्याप्त है। पूरे देश से 1.26 लाख आवेदन 1 मई तक आए थे जिनमें से 95 हजार 261 आवेदनों को 18 मई तक मंजूरी दी जा चुकी थी। इनमें से महाराष्ट्र से 67 हजार 518), गुजरात से 2 हजार 175) और तमिलनाडु से 27 हजार 743 आवेदनों का अनुमोदन शामिल है।

अधिकारियों ने कहा कि जिनके आवेदन पहले से ही मंजूर किए गए हैं उन्हें चरणों में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। लेकिन, अब नए अनुरोधों को मंजूरी देने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।

राज्य सरकार के मंत्री एस सुरेश कुमार ने कहा कि जो लोग इन राज्यों से आ रहे हैं दुर्भाग्य से उनके पास चिकित्सा प्रमाण पत्र नहीं है। सरकार ने उन्हें आने की अनुमति दी है और इसलिए कोविड-19 के नए मामले सामने आए। कुछ समय के लिए गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से प्रवेश बंद किया गया है। स्थिति साफ होने और यह तय होने के बाद कि सबकुछ नियंत्रण में है प्रतिबंध हटाए जाएंगे। वहीं, स्वास्थ्य आयुक्त पंकज पांडे ने कहा,'हमने एक स्टैंड लिया है। क्योंकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि कुछ राज्य हैं जहां कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या अधिक है।Ó वहीं, कोविड-19 वार रूम के आइएएस अधिकारी मुनीश मोदगिल ने कहा कि पूर्व में जो स्वीकृतियां दी गई वह जिलों में संस्थागत क्वारंटाइन की क्षमता का आकलन करने के बाद दी गईं।

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Rajeev Mishra Reporting
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