पेड न्यूज पर रहेगी गिद्ध सी नजर

इस लोकसभा चुनाव में सभी प्रकार के मीडिया पर मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) की गिद्ध सी पैनी दृष्टि रहेगी।

By: शंकर शर्मा

Published: 29 Mar 2019, 11:35 PM IST

धारवाड़. इस लोकसभा चुनाव में सभी प्रकार के मीडिया पर मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) की गिद्ध सी पैनी दृष्टि रहेगी। एमसीएमसी के अध्यक्ष व नोडल अधिकारी तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ सहायक निदेशक मंजुनाथ डोल्लिन ने धारवाड़ में गुरुवार को सूचना भवन में एमसीएमसी के सदस्यों को तथा मीडिया निगरानी कर्मचारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में ये विचार व्यक्त किए।


उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों को पारदर्शिता से सम्पन्न करवाने की दिशा में निर्वाचन आयोग ने आवश्यक कार्रवाई कर ली गई है। उसके निर्देशानुसार धारवाड़ जिलाधिकारी कार्यालय तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मीडिया निगरानी एवं मीडिया प्रमाणीकरण समिति गठित की गई है। उससे सभी मीडिया पर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन तथा पेड न्यूज पर नजर रखी जा रही है।


प्र्रक्रिया हुई सरल
डोल्लिन ने कहा कि पेड न्यूज रोकने की दिशा में राजनीतिक पार्टियां तथा प्रत्याशियों को मीडिया से संबंधित आवेदन तथा अनुमति देने की प्रक्रिया सरल करने की दिशा में समिति गठित की गई है। प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, केबल नेटवर्क तथा सोशल मीडिया पर निगाह रखी गई है। उन्होंने कहा कि एमसीएमसी को मदद करने की दिशा में समाचार पत्रों तथा स्थानीय केबल चनलों पर नजर रखने के लिएमीडिया प्रामाणिकरण के लिएकुल 20 लोगों को नियोजित किया गया है। जिले को संबंधित इलेक्ट्रनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया तथा केबल चेनलों में प्रसारित होने वाले हर कार्यक्रम की समीक्षा की जा रही है।


चुनाव आचारसंहिता का उल्लंघन तथा पैसों के लिए खबरों का प्रसारण करने पर उसकी जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारियों को दी जाती है। उन्होंने कहा कि मतदान में अंतिम चार दिन का समय शेष रहने के दौरान प्रिंट मीडिया में विज्ञापन जारी करने से पहले निर्वाचन अधिकारी की अनुमति लेना जरूरी है। इलेक्ट्रॉनिक चैनल तथा सोशल मीडिया में विज्ञापन प्रसारित करने के लिए निर्वाचन अधिकारियों की अनुमति लेना आवश्यक है। बिना अनुमति के प्रसारित करने पर संबंधित मीडिया तथा प्रत्याशी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।


डोल्लिन ने कहा कि स्थानीय केबल चैनल चुनाव विज्ञापन प्रसारित करने से पहले राजनीतिक पार्टियां तथा प्रत्याशी की ओर से एमसीएमसी से अनुमति ली है या नहीं की पुष्टि कर विज्ञापन प्रसारित करना चाहिए। इस नियम का उल्लंघन करने पर केबल चैनलों के उपकरणों को जिला निर्वाचन अधिकारी जब्त कर मामला दर्ज करेंगे। अखबारों में प्रसारित होने वाले चुनाव संबंधित विज्ञापनों पर निगाह रखते हुए उस विज्ञापन के खर्च को विज्ञापन देने वाली पार्टी एवं प्रत्साशी के खाते में जमा करना चाहिए। इसकी जानकारी चुनाव खर्च इकाई को देनी चाहिए। सभी अखबारों के वाणिज्य विज्ञापनों की दर सूची सूचना विभाग के पास है। उसके अंतर्गत विज्ञापन दर निर्धारित किया जाता है।


इस अवसर पर एमसीएमसी के सदस्य आकाशवाणी न्यूज विभाग की सहायक निदेशक के.वाई. जयंती, क्षेत्र शिक्षाधिकारी ए.ए. काजी, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक मल्लिकार्जुन भजंत्री, कर्नाटक विश्वविद्यालय पत्रकारिता विभाग के प्राध्यापक डॉ. संजयकुमार मालगत्ती, वसंत मुर्डेश्वर, सूचना विभाग के सहायक सुरेश हिरेमठ ने चुनाव के मौके पर समिति कर्मचारियों के कत्र्तव्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी। शिक्षक एफ.बी. कणवी, रामु मूलगी आदि ने चुनाव गीत पेश किए। सूचना विभाग के सी.बी. भोवी समेत एमसीएमसी के सदस्य उपस्थित थे।

शंकर शर्मा
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