पंचमशाली समुदाय ने सरकार को दी 4 मार्च तक की मोहलत

आरक्षण प्रवर्ग में बदलाव की मांग

By: Sanjay Kulkarni

Updated: 22 Feb 2021, 06:26 AM IST

बेंगलूरु. पंचमशाली लिंगायत समुदाय को आरक्षण की 2 ए प्रवर्ग श्रेणी में शामिल करने की मांग को लेकर शहर के पैलेस मैदान में हुई रैली के दौरान बीएस येडियूरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को 4 मार्च तक फैसला करने की मोहलत दी गई। समुदाय के नेताओं और मठ प्रमुखों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। हालांकि, सरकार ने मठ प्रमुखों को बातचीत के लिए आमंत्रण दिया। गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि सरकार इस मसले पर बातचीत के लिए तैयार है।

आरक्षण की मांग को लेकर समुदाय के कुडलसंगम पीठ के प्रमुख जयमृत्युंजय स्वामी के नेतृत्व में बागलकोट के कुडलसंगम क्षेत्र से १४ जनवरी को शुरु हुई पदयात्रा का रविवार को यहां समापन हुआ। इस मौके पर पैलेस मैदान में हुई जनसभा में बीदर, विजयपुर, कलबुर्गी, यादगीर, कोप्पल, रायचूर, हावेरी, धारवाड़, बेलगावी समेत विभिन्न जिलों के पंचमशाली समुदाय के लोगों ने काफी संख्या में भाग लिया। राज्य के कुछ मंत्रियों सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने सभा को संबोधित किया। सभा का असर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा।

स्वामी ने कहा कि अगर सरकार 4 मार्च से पहले कोई फैसला नहीं करती है तो विधानसौधा के सामने भूख हड़ताल करेंगे। ४ मार्च से ही विधानमंडल का बजट अधिवेशन शुरु होगा। उनका कहना था कि समुदाय गत तीन दशकों से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है। लेकिन, किसी भी सरकार ने उसपर ध्यान नहीं दिया है।

येडियूरप्पा पर फिर बरसे यत्नाल

विजयपुर के भाजपा विधायक बसवन गौड़ा पाटिल यत्नाल ने सभा में एक बार फिर मुख्यमंत्री येडियूरप्पा पर हमला किया और पंचमशाली समुदाय की मांग 4 मार्च तक पूरा करने की मांग की। उन्होंने कहा 'हम ज्ञापन देते आए हैं। इस बार एक और ज्ञापन नहीं, आरक्षण लेकर रहेंगे। येडियूरप्पा के कटु आलोचक यत्नाल ने कहा कि वे इस मुद्दे को बजट सत्र के पहले दिन 4 मार्च को विधानसभा में उठाएंगे। हाल ही में पार्टी की ओर से जारी किए गए नोटिस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा 'नोटिस जारी कर आप मेरा मुंह बंद नहीं कर सकते।

पाटिल-निराणी के प्रयास रहे विफल

सरकार के दो मंत्रियों- मुरुगेश निराणी और सी सी पाटिल ने आंदोलनकारियों को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि मुख्यमंत्री ने आरक्षण देने के बारे में आश्वस्त किया है। लेकिन, यह पूरी प्रक्रिया से ही संभव होगा। निराणी ने कहा कि वीरशैव लिंगायत तथा पंचमशाली समुदाय को आरक्षण दिए जाने पर किसी की आपत्ति नहीं है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री येडियूरप्पा ने इस मांग को लेकर उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था। वीरशैव लिंगायत समेत सभी को संगठित संघर्ष करना होगा। मंत्री पाटिल ने कहा कि जल्दबाजी में इस पर निर्णय नहीं हो सकता, इसके लिए सरकार को समय दिया जाना चाहिए। कांग्रेस की विधायक लक्ष्मी हेब्बालकर ने कहा कि किसी भी दल की सरकार हो, पंचमशाली समुदाय की अनदेखी नहीं कर सकती है।

कांग्रेस के ही विधायक विजयानंद काशपन्नवर ने कहा कि यह अंतिम लड़ाई है। कार्यक्रम में समुदाय के हरिहर पीठ के प्रमुख वचनानंद स्वामी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों से इस समुदाय के 22 विधायकों ने भाग लिया। निराणी व पाटिल के संबोधन के समय शोरगुल की स्थिति बन गई और दोनों मठ प्रमुखों को दखल देना पड़ा।

फ्रीडम पार्क में धरना पर बैठे स्वामी

दोनों मंत्रियों के आंदोलन खत्म करने की अपील के बावजूद समुदाय के नेताओं ने सरकार के फैसले तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। जयमृत्युंजय स्वामी ने ४ मार्च तक फ्रीडम पार्क में धरना जारी रखने की घोषणा करते हुए कहा कि अगर तब तक सरकार निर्णय नहीं करती है तो वे भूख हड़ताल करेंगे।

Sanjay Kulkarni Reporting
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