कर्नाटक विधानसभा: देश में सबसे ज्यादह बैठक कीं और विधयक पारित हुए

महामारी और लॉकडाउन ने बिगाड़ा हर विधानसभा का गणित

By: Sanjay Kumar Kareer

Published: 04 Jun 2021, 09:52 PM IST

बेंगलूरु. महामारी और लॉकडाउन के चलते पिछले साल विधानसभाओं की कार्यवाही बुरी तरह प्रभावित हुई लेकिन कर्नाटक विधानसभा राष्ट्रीय औसत से अधिक दिन कामकाज संचालित कर देशभर में सबसे बेहतर साबित हुई।

पिछले साल 19 राज्यों की विधानसभाओं की कार्यवाही औसतन 18 दिन ही संचालित हुई। इन राज्यों की विधानसभाओं की 2016 से 2019 के बीच बैठकें एक साल में औसत 29 दिन हुई। पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।

संस्था ने राज्य के कानूनों पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि 2020 में कर्नाटक विधानसभा की बैठक सर्वाधिक 31 दिन हुई। राजस्थान विधानसभा की बैठक 29 दिन और हिमाचल प्रदेश की 25 दिन हुई। केरल विधानसभा की 2020 में 20 बैठकें हुईं जबकि इससे पहले के चार साल में औसतन 53 दिन सदन की बैठक हुई थी।

पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के अनुसार पिछले साल संसद की कार्यवाही 33 दिन संचालित हुई। लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील के बाद राज्य विधानसभाओं ने अपने सत्र पुन: शुरू किए।

रिपोर्ट के अनुसार आंध्र प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल का भाषण वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुआ। तमिलनाडु विधानसभा का मॉनसून सत्र एक ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ तो पुडुचेरी के विधायकों ने एक नीम के पेड़ के नीचे बैठकर बजट पारित किया।

रिपोर्ट में कहा गया कि 2020 में राज्यों ने औसत 22 विधेयक पारित किए, जिनमें विनियोग विधेयक शामिल नहीं हैं। सर्वाधिक 61 विधेयक कर्नाटक विधानसभा ने पारित किए। वहीं सबसे कम केवल एक विधेयक दिल्ली विधानसभा में पारित हुआ। इन 19 राज्यों के आंकड़ों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि विधानसभाओं ने पिछले साल औसत 14 अध्यादेश जारी किए।

Sanjay Kumar Kareer Desk
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