जानना चाहते हैं मरीज, नए स्ट्रेन से संक्रमित थे या नहीं

  • यूके से लौटने के बाद जांच में उन्हें कोविड पॉजिटिव बताया गया। दो सप्ताह तक टीइसीसी भर्ती रहने के बाद वे डिस्चार्ज हो गए लेकिन उन्हें नहीं पता कि वे नए स्ट्रेन के मरीज थे या नहीं।

By: Nikhil Kumar

Published: 09 Jan 2021, 08:53 PM IST

- स्वास्थ्य विभाग पर रिपोर्ट साझा नहीं करने का आरोप
- अधिकारियों ने आरापों को बताया निराधार

बेंगलूरु.

यूनाइटेड किंगडम (यूके) से लौटने और जांच में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि के बाद विक्टोरिया सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा और आपातकालीन देखभाल केंद्र (टीइसीसी) में अब तक भर्ती 25 से में 10 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। लेकिन कई मरीजों का आरोप है कि स्वस्थ और डिस्चार्ज होने के बाद भी उन्हें पता नहीं है कि वे कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से ग्रसित थे या नहीं? इन मरीजों ने प्रदेश सरकार पर उन्हें अंधेरे में रखने के आरोप लगाए हैं।

गुरुवार को डिस्चार्ज हुए एक 50 वर्षीय एक मरीज ने बताया कि चिकित्सकों ने उन्हें नए स्ट्रेन (uk corona strain) से संक्रमित होने के बारे में कुछ भी नहीं बताया है। बस इतना पता है कि यूके से लौटने के बाद जांच में उन्हें कोविड पॉजिटिव बताया गया। दो सप्ताह तक टीइसीसी भर्ती रहने के बाद वे डिस्चार्ज हो गए लेकिन उन्हें नहीं पता कि वे नए स्ट्रेन के मरीज थे या नहीं। वैसे अब फर्क नहीं पड़ता कि वे नए स्ट्रेन से संक्रमित थे या नहीं। लेकिन अटलांटा से अमरीका के लिए उड़ान भरने से पहले उनकी आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव थी। यूनाइटेड किंगडम से उन्होंने बेंगलूरु के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट ली। इसका मतलब है कि यात्रा के दौरान वे संक्रमित हुए।

इस मरीज ने बताया कि उनकी तरह और भी मरीज हैं। मरीजों के जेनेटिक सीक्वेंसिंग रिपोर्ट के बारे में पूछने पर जवाब मिलता है कि निम्हांस में जांच जारी है, निम्हांस अपनी रिपोर्ट सीधे केंद्र सरकार को भेजेगा। प्रोटोकॉल के अनुसार केंद्र सरकार राज्य सरकारों को रिपोर्ट जारी करेगी। राज्य सरकार के पास रिपोर्ट पहुंचने के बाद ही रिपोर्ट संबंधित अस्पताल प्रबंधन के पास पहुंचती है।

तीन दिन पहले डिस्चार्ज हुए एक अन्य मरीज ने भी रिपोर्ट की जानकारी नहीं दिए जाने का आरोप लगाया है। मरीज ने कहा कि रिपोर्ट मरीज और परिजनों का हक हैं। सरकार को संवेदनशील होने की जरूरत है। मरीज और परिजन अनावश्यक चिंता, घबराहट और अवसाद में हैं।

हालांकि, विक्टोरिया अस्पताल में कोविड-19 नोडल अधिकारी डॉ. स्मिता सेगु के अनुसार सरकार से रिपोर्ट मिलने के बाद नए स्ट्रेन के मरीजों के साथ रिपोर्ट साझा की गई है। कई मरीजों की जेनेटिक सीक्वेंसिंग (आनुवांशिक अनुक्रमण) रिपोर्ट नहीं आई है। उन्होंने माना कि नए स्ट्रेन के लिए निगेटिव आने वाले मरीजों को इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

Nikhil Kumar Reporting
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