यहाँ नाव में सवार होकर लोग पहुंचे विरोध प्रदर्शन में, सीएए के खिलाफ जमकर उठी आवाज

मेंगलूरु में आयोजित रैली और जनसभा में जबर्दस्त भीड़ दिखाई दी और कई लोग नाव के जरिये रैली में भाग लेेने पहुंचे

बेंगलूरु. नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) के खिलाफ बड़े पैमाने पर आयोजित किए गए विरोध प्रदर्शन में बुधवार को मेंगलूरु के अडयार कन्नूर में जबर्दस्त भीड़ उमड़ पड़ी।

इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान वी द पीपल नामक संस्था ने किया था। देश भर में सीएए लागू के विरोध में हुआ यह सामूहिक आयोजन दक्षिण कन्नड़ में मुस्लिम संगठनों द्वारा समर्थित था। 19 दिसंबर को यहां हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान दो लोगों के मारे जाने के लगभग एक महीने बाद शहर में यह पहला
बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ।

पूर्व आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन ने इस मौके पर आयोजित सभा में कहा कि सरकार सभ्य समाज में डर पैदा करने की कोशिश कर रही है। लोग कुछ हद तक डरेंगे लेकिन, अंतत: नागरिक सड़कों पर उतरेंगे। अमित शाह ने कहा था कि वे सीएए पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन वे दो किलोमीटर तक पीछे हट चुके हैं।

मानवाधिकार कार्यकर्ता शिवसुंदर ने कहा कि यह सिर्फ मुस्लिमों की ओर से किया जा रहा विरोध नहीं है। एक हिंदू राष्ट्र सिर्फ मुसलमानों के ही खिलाफ नहीं है बल्कि दलितों और महिलाओं के खिलाफ भी है। बेरोजगारी और प्याज की कीमतें इस समय उच्चतम स्तर पर हैं। और जब ऐसे हालात हैं तो सरकार कह रही है कि आप सवाल न पूछें, खुद की पहचान बताएंं।

मेंगलूरु में बुधवार को इस प्रदर्शन के कारण 5,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। मेंगलूरु में पिछले बाद पुलिस गोलीबारी के बाद एक जन पंचाट की अध्यक्षता करने वाले कार्यकर्र्ता हर्ष मंदार और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज गोपाल गौड़ा ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
सुबह से प्रदर्शनकारी मेंगलूरु के बाहरी इलाके में अडयार कन्नूर की ओर जाने वाली सड़कों पर एकत्र हुए। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि पडिल से अडयार कन्नूर तक 3 किमी से ज्यादा दूरी तक के रास्ते को प्रदर्शनकारियों ने बंद कर दिया।

हालांकि आयोजकों ने महिलाओं के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का कोई ऐलान नहीं किया था, लेकिन लगभग सभी प्रदर्शनकारी पुरुष थे। पूर्व विधायक मोइउद्दीन बावा ने उस समय विवाद खड़ा कर दिया जब उन्होंने सुझाव दिया कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण महिलाओं को विरोध में शामिल नहीं होना चाहिए।

रैली निकाली
शाह मैदान में मुस्लिम सेंट्रल कमेटी की तरफ से आयोजित सभा से पूर्व लोगों ने तिरंगे लहराते हुए बाइक रैली निकाली और रैली स्थल पर पहुंचे। पुलिस के भारी बंदोबस्त के बीच हजारों लोग अपने दुपहिया व चार पहिया वाहनों में सवार होकर सीएए- एनआरसी के विरोध में आयोजित रैली में भाग लेने पहुंचे। रैली के कारण ही भीड़भाड़ वाले सेंट्रल मार्केट की अधिकतर दुकानें बंद रही और उल्लाल के कोट्टेपुरा से लोग नावों में सवार होकर भी सभास्थल पर पहुंचे। कांग्रेस, एसडीपी आई, पीएफ आई, एसएस एफ, एसकेएसएसएफ सहित 28 से अधिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया। मुस्लिम सेंट्रल कमेटी के सदस्य हाजी कोड़ीजाल इब्राहिम, बीएम मुमताज अली, एसएम राशिद सहित अन्य ने लोगों से रैली के दौरान हर हाल में शंाति बनाए रखने और किसी भी संगठन के पोस्टर, बैनर या तख्तियां लेकर रैली में नहीं आने की अपील की।

मेंगलूरु में आयोजित रैली और जनसभा में जबर्दस्त भीड़ दिखाई दी और कई लोग नाव के जरिये रैली में भाग लेेने पहुंचे।

यहाँ नाव में सवार होकर लोग पहुंचे विरोध प्रदर्शन में, सीएए के खिलाफ जमकर उठी आवाज

Saurabh Tiwari
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned