सरकारी संपत्तियों के बेचने का विरोध करे जनता: खरगे

लाभ कमा रहे पीएसयू को भी बेचने पर आमादा है केंद्र सरकार

By: Rajeev Mishra

Published: 11 Sep 2021, 09:35 PM IST

बेंगलूरु.
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश की मुुख्य संपत्तियों को बेचने की भाजपा सरकार के कदम के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।

उन्होंने शनिवार को संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि केंद्र की सरकार ने कांग्रेस सरकारों द्वारा वर्षों से बनाई गई सार्वजनिक क्षेत्र की कई इकाइयों को एक के बाद एक बेचना शुरू कर दिया है। भाजपा हमेशा आरोप लगाती है कि कांग्रेस ने 70 साल में देश के लिए कुछ नहीं किया, लेकिन सत्ता में रहते हुए कांग्रेस सरकार की बनाई गई संपत्तियां बेच रही है। उन्होंने पिछली सरकारों द्वारा दिए गए स्थानों और योजनाओं के नाम बदलने पर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा 'हमने अपना काम किया और उन नेताओं के नाम पर उसका नामकरण किया जिन्होंने उसे संभव बनाया। भाजपा को भी अपना काम करना चाहिए और नाम कमाना चाहिए।'

खरगे ने कहा कि भाजपा शासन के दौरान रेलवे में रोजगार के अवसरों की संख्या 16 लाख से घटकर 12 लाख हो गई है। दूरसंचार क्षेत्र की नौकरियों में भी कमी आई है। सरकार घाटे में चल रहे उद्यमों के निजीकरण पर विचार कर सकती है, लेकिन उन क्षेत्रों का भी निजीकरण करने पर आमादा हैं जो लाभ कमा रहे हैं।

इससे पहले दिन में खरगे ने शहर के एक अस्पताल में पार्टी के दिग्गज नेता ऑस्कर फर्नांडीस से मुलाकात की, जहां उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि फर्नांडीस, उनके परिवार और डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। ऑस्कर के साथ उनके संबंध 80 के दशक से बहुत ही सौहार्दपूर्ण रहे हैं।

Rajeev Mishra Reporting
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