रीयल एस्टेट क्षेत्र में भारी उछाल की संभावनाएं

उपराष्ट्रपति वेंकय्या नायडु ने कहा कि अगले दो वर्ष में रीयल एस्टेट क्षेत्र में 10 बिलियन अमेरिकी डालर्स के निवेश की संभावना है

By: शंकर शर्मा

Published: 20 Jan 2018, 09:50 PM IST

बेंगलूरु. उपराष्ट्रपति वेंकय्या नायडु ने कहा कि अगले दो वर्ष में रीयल एस्टेट क्षेत्र में 10 बिलियन अमेरिकी डालर्स के निवेश की संभावना है। उन्होंने 28 वें अखिल भारतीय बिल्डर्स सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में यहां शुक्रवार को कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (डीआईपीपी) की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2000 से 2017 तक भवन निर्माण क्षेत्र में 24.54 बिलियन अमेरिकन डॉलर्स का सीधा विदेशी निवेश हुआ है। वर्ष 2020 तक देश का भवन निर्माण कारोबार 180 बिलियन अमेरिकन डॉलर्स का निवेश होने की संभावना है।


उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना के परिणाम स्वरूप देश में भवन निर्माण क्षेत्र में उछाल आया है। अब भवन निर्माण क्षेत्र को विश्वस्तरीय गुणवत्ता के निर्माण कार्य के लिए विशेष प्रयास करने होंगे। इसी लक्ष्य को लेकर केंद्र सरकार ने कौशल विकास के लिए अलग मंत्रालय का गठन किया है। इस मंत्रालय का लक्ष्य देश को आंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मानदंडों के आधार पर कुशल मानव संसाधनों की आपू्र्ति सुनिश्चित करना है।


उन्होंने कहा कि विमुद्रिकरण तथा जीएसटी जैसे जटिल फैसलों के बावजूद वर्ष 2018-19 में 7.2 फीसदी विकास दर अपेक्षित है। इस विकास दर के बलबूते पर भारत आने-वाले 10-15 वर्ष में विश्व की एक विशाल वित्त व्यवस्था के रूप में उबरेगा। यह विकास दर हासिल करने के लिए केंद्र सरकार लाल फीतशाही को नियंत्रित करने के साथ हर संभव प्रयास कर रही है।


उन्होंने कहा कि देश में भवन निर्माण क्षेत्र में 40 मिलियन रोजगारों का सृजन हो रहा है। इस क्षेत्र के कारण ही देश के सकल घरेलु उत्पाद में वृध्दि दर्ज हो रही है।


इस क्षेत्र से जुडे सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए नीति आयोग ने भवन निर्माण क्षेत्र सं संबधित सभी वर्गों की एक समिति के गठन की प्रक्रिया शुरु की है। इस क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। सभी को आवास अटल, आवास योजनाओं के कारण देश में बडी संख्या में मकानों का निर्माण हो रहा है।


उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सामाजिक सरोकार के तहत समाज के हर वर्ग के विकास में योगदान दे सकता है। इससे सरकार का सबका विकास का सपना साकार होगा। इस क्षेत्र को स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा जैसे क्षेत्रों के विकास के लिए योगदान देकर सामाजिक दायित्व निभाना चाहिए। रिएल एस्टेट नियमन प्राधिकार (रेरा) का गठन देश के विकास को गति देने के लिए किया गया है। इस का उद्देश्य इस क्षेत्र में लोगों के साथ धोकाधडी करनेवालों को दंडित करना है।

लिहाजा यह एक साहसी फैसला है। भवन निर्माण के नाम पर लोगों ने पैसे संग्रहित कर बाद में सताने वालों को सजा दिलाने के लिए रेरा बनाया गया है। ऐसी धोखाधड़ी के कारण भवन निर्माण क्षेत्र की बदनामी हो रही है।

शंकर शर्मा
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