सत्ता पर कब्जे का खेल जारी : पिक्चर अभी बाकी है दोस्तो

सत्ता पर कब्जे का खेल जारी : पिक्चर अभी बाकी है दोस्तो

Rajendra Shekhar Vyas | Updated: 20 Jul 2019, 10:09:07 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

  • भाजपा पर विधायक खरीदने के आरोप
  • कांग्रेस ने सदन में कहा: 25 से 40 करोड़ रुपए तक देकर खरीदे गए
  • श्रीनिवास गौड़ा ने उन्हें 5 करोड़ रुपए देने का आरोप लगाया

बेंगलूरु. विधानसभा में सत्तापक्ष के सदस्यों ने विपक्ष पर सत्ता हासिल करने के लिए गठबंधन के विधायकों को 25 से लेकर 40 करोड़ रुपए देकर खरीदने के गंभीर आरोप लगाए लेकिन भाजपा सदस्यों ने इन आरोपों पर चुप्पी साधे रखी।
विधानसभा में शुक्रवार को विश्वासमत प्रस्ताव पर बहस के दौरान मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने जब भाजपा वालों के कांग्रेस व जद-एस के विधायकों की खरीद फरोख्त करने का मसला उठाया तो मंत्री कृष्णा बेरेगौड़ा,, सारा महेश, श्रीनिवास गौड़ा, राजू गौड़ा तथा डा. श्रीनिवास मूर्ति सहित सत्तापक्ष के अनेक सदस्यों ने भाजपा द्वारा दिए गए प्रलोभनों पर खुल कर आरोप लगाए। जद-एस के कोलार से विधायक श्रीनिवास गौड़ा ने कहा कि भाजपा के विधायक अश्वथ नारायण, एसआर विश्वनाथ तथा पूर्व मंत्री सीपी योगेश्वर ने उनको भाजपा में शामिल कराने के लिए 5 करोड़ रुपए की रकम उनके घर पर लाकर दी थी। मैंने उनसे बार बार कहा कि वे भाजपा में नहीं जाएंगे लेकिन उन्होंने एक न सुनी और घर पर धन रख गए। बाद में इस रकम को लौटाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। ये लोग उनको 30 करोड़ रुपए देकर खरीदने के लिए आए थे। गौड़ा ने कहा कि वे पहले मंत्री पद पर रह चुके हैं और कई बार विधायक चुने गए हैं। इसके बावजूद मुझे ही खरीदने का दुस्साहस करने आ गए। क्या जनता को ऐसी सरकार चाहिए?
चुपचाप बैठ कर सुनते रहे भाजपा नेता
देखने की बात यह थी कि गौड़ा के इतने गंभीर आरोप लगाने के बावजूद सदन में मौजूद विपक्ष के नेता येड्डियूरप्पा, विधायक अश्वथ नारायण, एसआर विश्वनाथ ने मौन साधे रखा। श्रीनिवास गौड़ा के इसी बयान को आधार बनाकर स्पीकर रमेश कुमार ने कहा कि कुछ अविवेकी लोग मुझ पर आरोप लगा रहे हैं पर मैं सदन के नियमों के तहत ही अपने कर्र्तव्य का पालन कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले मेरे जीवन व घर को आकर देख लें।
स्पीकर ने दी सदस्यों को खुली छूट
उन्होंने दोनों ही पक्षों के सदस्यों को एक दूसरे पर हर आरोप लगाने की खुली छूट दे दी और कहा कि असंसदीय शब्दों को छोड़कर सब कुछ सदन के रिकार्ड में दर्ज होगा। स्पीकर के छूट देते ही कांग्रेस व जद-एस के कई सदस्यों ने भाजपा सदस्यों द्वारा उन्हें खरीदने के प्रयास के बारे में खुलकर बोलना शुरू कर दिया। मंत्री कृष्णा बेरेगौड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने असंतुष्ट विधायकों को 30 करोड़ रुपए देकर खरीदा है। इस्तीफे देकर मुंबई में डेरा डालने वाले हरेक विधायक के घर इतनी रकम पहुंचाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने विधायकों की खरीद पर करोड़ों रुपए खर्च किए हैं और त्यागपत्र देने वाले विधायकों को को पुन: जिताकर लाने के लिए होने वाले उप चुनावों पर भी इतनी ही रकम खर्च की जाएगी। इन लोगों के पास इतना धन कहां से आया है। विधायकों को मुंबई, पुणे, दिल्ली ले जाने के लिए विशेेष विमान तैयार रखे गए और ये विमान ऑटो रिक्शा की तरह देश के विभिन्न नगरों में आ जा रहे हैं।

 

खरीद-फरोख्त में अमित शाह का हाथ: गुंडूराव
बेंगलूरु. केपीसीसी के अध्यक्ष दिनेश गुंडुराव ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस व जद-एस के 15 विधायकों के त्यागपत्र देने के पीछे केंद्रीय गृहमंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का हाथ है और इसकी जांच करवाई जानी चाहिए। विधानसभा में शुक्रवार को विश्वासमत प्रस्ताव पर जारी बहस में उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारुढ़ दल विधायकों के त्यागपत्र के पीछे अमित शाह का हाथ है। शाह ने राज्य में संवैधानिक संकट उत्पन्न करके राष्ट्रपति शासन लगवाने के इरादे से यह सब किया है। भाजपा सदस्य सी.टी. रवि ने गुंडूराव के शाह पर लगाए आरोपों का कड़ा विरोध करते हुए स्पीकर से कहा कि गुंडूराव बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। लिहाजा उनके इस बयान को सदन की कार्यवाही के रिकार्ड से हटा दिया जाना चाहिए। इस मसले पर जब सत्तापक्ष व विपक्षी सदस्यों के बीच तकरार होने लगा तब रमेश कुमार ने कहा कि अमित शाह इस सदन के सदस्य नहीं है और इन आरोपों का सदन में जवाब देने के लिए कोई नहीं है। इसलिए गुंडूराव की टिप्पणी को निकालने के कदम उठाएंगे।

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