सर्वतोभद्र मंत्र में 170 परमात्माओं की स्तुति-मुनि राजपद्मसागर

टी.दासरहल्ली में धर्मसभा का आयोजन

By: Yogesh Sharma

Published: 14 Sep 2021, 07:50 AM IST

बेंगलूरु. टी. दासरहल्ली जैन संघ में सकल संघ की ओर से सर्वतोभद्र महापूजन का आयोजन मुनि राज पद्मसागर की निश्रा में हुआ। इस अवसर पर मुनि राजपद्मसागर ने सर्वतोभद्र पूजन की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि तिजय पहुत्त स्त्रोत में इनका वर्णन है। उन्होंने कहा कि तीर्थंकर परमात्मा 3 जगत के स्वामी हैं। तीर्थंकर परमात्मा त्रिभुवन स्वामित्व के ***** हैं एवं अष्ट महाप्रतिहारियों से युक्त 170 परमात्मा की स्तुति इस स्त्रोत में है। इस मंत्र द्वारा सर्वतोभद्र यंत्र महाप्रभावशाली है। ऊं हर हुं ह: एवं स र सुं स: इस ंमंंत्र द्वारा यंत्र महाप्रभावशाली है। इस मंत्र में अढीद्वीप में रहे 170 जिनेश्वर परमात्माओं का स्मरण किया जाता है। इस पूजन से सभी मनुष्यों की मनोकामना पूरी होती है वहीं शत्रु पर विजय एवं आधी व्याधि उपाधि जल्दी दूर हो जाती है। इस स्त्रोत का रोज स्मरण करने से शुभ कर्मों का उदय होता है एवं जीवन भी पवित्र बनता है। सोमवार को आयोजित महापूजन में क्षेत्र के पूर्व विधायक मुनिराज भी पहुंचे। उन्होंने मुनि राजपद्मसागर के दर्शन वंदन कर आशीर्वाद लिया। मंगलवार सुबह 8:30 बजे संतीकर पूजन एवं ज्योति बेन, गिरीश कुमार कोठारी के १५ उपवास का पारणा भी होगा।

Yogesh Sharma Reporting
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