मुंबई के चर्च गेट की तरह टर्मिनल बनाने की तैयारी

Shankar Sharma

Publish: Dec, 08 2017 09:36:13 (IST)

Bangalore, Karnataka, India
मुंबई के चर्च गेट की तरह टर्मिनल बनाने की तैयारी

उपनगरीय रेल व्यवस्था को पूरी क्षमता के साथ धरातल पर उतारने की योजना के तहत रेलवे मुंबई के चर्च गेट की तरह वृहद टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव तैयार कर रहा

बेंगलूरु. उपनगरीय रेल व्यवस्था को पूरी क्षमता के साथ धरातल पर उतारने की योजना के तहत रेलवे मुंबई के चर्च गेट की तरह वृहद टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इस प्रस्तावित टर्मिनल का निर्माण छावनी रेलवे स्टेशन के पास किया जाएगा। हालांकि, शहर में अभी महज १०० उपनरगीय ट्रेन सेवाएं परिचालित हैं जबकि मुंबई में ३००० से भी अधिक। फिर भी यहां बुनियादी ढांचा तैयार हो जाने के बाद उपनगरीय ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।


प्रस्ताव पर रेलवे बोर्ड सहमत होता है तो अगले वर्ष रेलवे मंत्रालय द्वारा इसे बजट शामिल किए जाने की संभावना है। उसके बाद टर्मिनल के आकार, प्रकार और लागत राशि संबंधी कार्यक्रम शुरू होंगे। बेंगलूर में उपनगरीय रेलवे के लिए टर्मिनल की कमी सताती रही है, इसीलिए जैसे मुंबई के चर्च गेट की तरह यहां भी टर्मिनल का खाका खींचा जा रहा है। मंडल रेलवे प्रबंधक आरएस सक्सेना के मुताबिक प्रस्ताव जल्द ही रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।


एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि बम्बू बाजार के पास हमारी जमीन है। हमें सिर्फ चर्च गेट के जैसा टर्मिनल बनाने की जरूरत है ताकि उपनगरीय रेल संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा सके। रेलवे की योजना में उपनगरीय टर्मिनल को स्काईवाक अथवा सब-वे के माध्यम से प्रस्तावित मेट्रो लाइन से जोडऩा भी शामिल है, मगर यह बहुत बाद की
प्रक्रिया है।


बिन्नी मिल की जमीन पर नजर
रेलवे अधिकारियों ने ढांचागत विकास विभाग से बिन्नी मिल की १० एकड़ जमीन पाने को लेकर भी चर्चा की है। यदि ऐसा होता है तो इस नए भूखंड पर बुनियादी ढांचा जैसे पिट लाइन, स्टेबलिंग लाइन बनेंगी और उपनगरीय रेल सेवा के लिए दो प्लेटफार्म बनाए जाने का प्रस्ताव है।

केंगेरी-छावनी उपनगरीय ट्रेन अभी संभव नहीं
अधिकारियों ने केंगेरी से कैंट अथवा इससे आगे उपनगरीय रेल परिचालन को मौजूदा परिस्थितियों में असंभव बताया है। उन्होंने कहा कि प्लेटफार्म की अनुपलब्धता के चलते शहर रेलवे स्टेशन से अथवा इस ओर आने के लिए ट्रेन नहीं चलाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे पहले से ही १०० उपनगरीय सेवाएं चला रहा है और एक बार बुनियादी ढांचा तैयार हो जाता है तो अतिरिक्त रैक और नई सेवाएं जोड़ी जाएंगी।

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