विद्यानगर में फुटओवर ब्रिज निर्माण की तैयारी

हुब्बल्ली-धारवाड़ जुड़वां शहर में बीआरटीएस के अवैज्ञानिक निर्माण कार्यों से लोगों में रोष है।

By: शंकर शर्मा

Published: 01 Jul 2019, 11:43 PM IST

हुब्बल्ली. हुब्बल्ली-धारवाड़ जुड़वां शहर में बीआरटीएस के अवैज्ञानिक निर्माण कार्यों से लोगों में रोष है। लोगों की शिकायत है कि जुड़वां शहर के बीच आठलेन सडक़ निर्माण की योजना से लेकर अब तक के किसी भी कार्य में जनता की राय लेना या फिर जनता को क्या चाहिए, क्या नहीं इसे पूछा तक नहीं गया है। अब शहर के विद्यानगर में फुटओवर ब्रिज (एफओबी) का निर्माण किया जा रहा है।


शहर के पुराने बस स्टैण्ड, होसूर महिला विद्यापीठ के सामने पूर्व में राहगीरों के लिए फुटओवर ब्रिज थे परन्तु इनका जनता ने बहुत कम इस्तेमाल किया। अधिकतर फुटओवर ब्रिज अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होते रहे, जिसे सभी जानते हैं।


शहर के पुराने बस स्टैण्ड के सामने के फुटओवर ब्रिज पर केवल भिखारी बैठा करते थे। इसके अलावा लोग सडक़ पार करने के लिए वाहनों के बीच घुसकर सडक़ पार करते थे परन्तु फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल नहीं करते थे। इसी बीच बीआरटीएस योजना लागू होने पर लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली थी। अब तो सडक़ पार करने के लिए अंडरपास बनेंगे यह सोचा था परन्तु बीआरटीएस कम्पनी अब फुटओवर ब्रिज के पीछे लगने से जनता आक्रोशित हुई है।


शहर के विद्यानगर बीवीबी कॉलेज के सामने के बस स्टॉप के पास फुटओवर ब्रिज के निर्माण के लिए गड्ढा खोदा गया है यानी बस स्टॉप के लिए लोगों को फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करके ही आना चाहिए। इतना ही नहीं एक ओर से दूसरी ओर सडक़ पार करने के लिए भी फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करना अनिवार्य करने का अधिकारियों ने फैसला लिया है। फुटओवर ब्रिज पर चढऩा-उतरना मुश्किल है। इसमें भी वृध्दों, गर्भवती महिलाओं व विकलांगों की परेशानी का ध्यान नहीं रखा गया है।

अधिकारियों का तर्क
फुटओवर ब्रिज निर्माण के बारे में अधिकारियों का तर्क ही अलग है। फुटओवर ब्रिज के लिए लिफ्ट बनाई जाएगी। इसके चलते जनता इसका इस्तेमाल करेगी। किसी को समस्या नहीं होगी। अंडरपास बनाने पर दुरुपयोग होगा, रखरखाव भी कठिन है परन्तु जनता का कहना है कि सैकड़ों लोगों के एकसाथ आने पर लिफ्ट में जगह कैसे मिलेगी। इसमें भी विद्यानगर में दसियों शिक्षण संस्थाएं हैं। वहां अचानक भीड़ में लोग व विद्यार्थी आते हैं। ऐसे में क्या लिफ्ट का रखरखाव संभव है। दो जगहों पर लिफ्ट निर्माण करने, रखरखाव के लिए दो जनों को नियुक्त करने की बात अधिकारी कह रहे हैं। इसके अलावा सुरक्षा के लिए दो जने चाहिए। वहीं अंडरपास का निर्माण करने पर उतने ही कर्मचारी में रखरखाव कर सकते हैं।

अंडरपास क्यों नहीं?
लोगों का कहना है कि बेंगलूरु में अधिकतर जगहों पर अंडरपास बनाए गए हैं। उनका रखरखाव भी किया जा रहा है। योजना बनाने वाले अधिकारियों को ही एक बार पुराना बस स्टैण्ड, अयोध्या होटल के पास खड़े होकर जनता की समस्या को देखना चाहिए। कैसे जटिल हालात में लोग सडक़ पार करते हैं देखना चाहिए। वास्तव में जनता की चिंता है तो उनकी मांग क्या है पूछनी चाहिए। वातानुकूलित कमरे में बैठकर योजना गठित करनी चाहिए।

इनका कहना है
सडक़ पार करने के लिए सुविधा उपलब्ध कराने की लोगों की मांग तथा नगर भू परिवहन आयुक्त के निर्देशों के अनुसार हुब्बल्ली के विद्यानगर में फुटओवर ब्रिज निर्माण के लिए कार्रवाई की जा रही है। लिफ्ट समेत सभी आधुनिक सुविधाएं यहां होंगी। बसवराज केरी, उप प्रबंध निदेशक, बीआरटीएस

शंकर शर्मा
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