गठबंधन के विधायकों को फिर रिसॉर्ट में ठहराने की तैयारी

गठबंधन के विधायकों को फिर रिसॉर्ट में ठहराने की तैयारी

Shankar Sharma | Publish: May, 18 2019 12:39:43 AM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

लोकसभा चुनावों के परिणाम घोषित होने के बाद राज्य की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के पतन की भाजपा की भविष्यवाणी ने कांग्रेस और जनता दल-एस को सतर्क कर दिया है।

बेंगलूरु. लोकसभा चुनावों के परिणाम घोषित होने के बाद राज्य की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के पतन की भाजपा की भविष्यवाणी ने कांग्रेस और जनता दल-एस को सतर्क कर दिया है। दोनों दल अपने-अपने विधायकों को किसी सुरक्षित रिसॉर्ट में पहुंचाने की योजना बना रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक कथित ‘ऑपरेशन कमल’ से बचाने के लिए दोनों ही पार्टियां अपने विधायकों को रिसॉर्ट में एक साथ रखेंगी। उन्हें डर है कि वे भाजपा के प्रलोभन में आकर पाला बदल सकते हैं। भाजपा की योजना विफल करने एवं एक साल पुरानी सरकार को बचाने के लिए दोनों दलों ने यह रणनीति बनाई है।

नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीएस येड्डियूरप्पा ने भविष्यवाणी की है कि 23 मई को लोकसभा और दो विधानसभा उपचुनावों के परिणाम आने के बाद गठबंधन सरकार गिर जाएगी। भाजपा राज्य की 28 में से 20 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज कर लेगी। उन्होंने यह भी दावा किया है कि कांग्रेस-जद-एस के 20 असंतुष्ट विधायक भाजपा के संपर्क में हैं और चुनाव परिणाम आने के बाद उनका रुख सरकार का भविष्य तय करेगा। राज्य की 225 सदस्यीय (1 मनोनीत को जोडक़र) विधानसभा में भाजपा के 104 विधायक हैं। येड्डियूरप्पा ने दावा किया कि भाजपा उपचुनाव जीत जाएगी और उसकी संख्या 106 तक पहुंच जाएगी, जबकि दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन पहले से ही उसके पक्ष में है।


उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव ने कहा है कि अगर भाजपा कांग्रेस विधायकों को तोडऩे की कोशिश करती है तो पार्टी चुपचाप नहीं बैठेगी। कांग्रेस भी सरकार बचाने के लिए भाजपा विधायकों को प्रलोभन देकर तोड़ सकती है। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री एवं जनता दल-एस नेता एचडी कुमारस्वामी ने 21 मई को पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाई है।


बैठक में 23 मई के चुनाव परिणामों के बाद के राजनीतिक हालात पर चर्चा होगी। इससे पहले जनवरी में भी कांग्रेस ने अपने विधायकों को रिसॉर्ट में ठहराया था, लेकिन वहां दो विधायकों के बीच आपसी मारपीट से पार्टी के सामने असहज स्थिति पैदा हो गई थी।

चिंचोली और कुंदगोल में चुनावी शोर थमा
बेंगलूरु. राज्य की दो विधानसभा सीट चिंचोली और कुंदगोल में 19 मई को होने वाले मतदान के लिए शुक्रवार को चुनावी शोर थम गया। इन दोनों सीटों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। दोनों ही पार्टियों के शीर्ष नेताओं ने क्षेत्रों का दौरा किया और मतदाताओं को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। चिंचोली विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक डॉ. उमेश जाधव के इस्तीफे से खाली हुई थी।

वहीं चिंचोली में कांग्रेस नेता एवं मंत्री रहे सीएस शिवल्ली का निधन होने से उप चुनाव हो रहे हैं। इन दोनों सीटों पर कांग्रेस के सहयोगी दल जनता दल-एस ने अपना उम्मीदवार खड़ा नहीं किया। कांग्रेस ने चिंचोली से प्रकाश राठौड़ और कुंदगोल से सीएस शिवल्ली की पत्नी कुसुमावती को मैदान में उतारा है, वहीं भाजपा ने चिंचोली से उमेश जाधव के बेटे डॉ. अविनाश जाधव और कुंदगोल से एसआई चिक्कनगौडर को अपना उम्मीदवार बनाया है। हालांकि, कुंदगोल से 17 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है।

पिछले विधानसभा चुनावों में यहां से भाजपा उम्मीदवार चिक्कनगौडर कांग्रेस प्रत्याशी सीएस शिवल्ली से बहुत कम मार्जिन से चुनाव हार गए थे। कुंदगोल विधानसभा क्षेत्र में कुल 1 लाख 8 9 हजार 444 मतदाता हैं, जिनमें से पुरुष 97 हजार 501 और महिला 91 हजार 938 हैं।

चिंचोली में कुल 8 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं, यहां भी मुकाबले में कांग्रेस और भाजपा के बीच ही है। चिंचोली में कुल 1 लाख 93 हजार 8 6 9 मतदाता हैं, जिनमें 99 हजार 47 पुरुष और 94 हजार 806 महिला मतदाता हैं। कुल 2143 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से कुंदगोल के 25 बूथ और चिंचोली में 60 बूथ अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं। मतगणना 23 मई को होगी।

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