केंद्र पर अधिक सहायता के लिए दबाव बनाएं : सिद्धरामय्या

केंद्र सरकार से ज्यादा फंड लाएं

By: Santosh kumar Pandey

Published: 19 Sep 2020, 02:31 PM IST

बेंगलूरु. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिद्धरामय्या ने कहा कि आखिरकार मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने का मौका मिल गया। लेकिन, उन्हें इसका उपयोग कैबिनेट के विस्तार की मंजूरी मांगने के बजाय राज्य की जनता की भलाई के लिए केंद्र सरकार से ज्यादा फंड लेने में करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गत वर्ष राज्य में बाढ़ के कारण 35 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होने के बावजूद केंद्र सरकार से केवल 1869 करोड़ रुपए देकर अन्याय किया था। इस वर्ष बारिश के कारण 8 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। लिहाजा इस बार मुख्यमंत्री को गत वर्ष की बकाया राशि के साथ कर्नाटक को अधिक सहायता दिलाने के लिए दबाव बनाना चाहिए।

सबसे अधिक घाटा कर्नाटक को

उन्होंने कहा कि 15 वें वित्तीय आयोग की सिफारिशों के कारण सबसे अधिक घाटा कर्नाटक को हुआ है। कर संग्रहण में कर्नाटक राज्य अग्रणी होने के बावजूद विकास कार्यों के लिए केंद्र से कर्नाटक को अधिक अनुदान नहीं मिल रहा है। जीएसटी की बकाया राशि के बदले राज्य सरकार पर भारतीय रिजर्व बैंक से 33 हजार करोड़ रुपए का ऋण लेने का दबाव बनाया जा रहा है। यह राज्य सरकार को दिवालिया बनाने की साजिश है।

येडियूरप्पा का साथ किसी भी सांसद ने नहीं दिया

उन्होंने कहा कि प्रदेश को 25,308 करोड़ रुपए जीएसटी राहत की राशि मिलनी है। इसे जारी नहीं कर मोदी ने धोखा किया है। इसी कारण येडियूरप्पा सरकार को कर्ज लेना पड़ रहा है। दुख की बात है कि येडियूरप्पा का साथ किसी भी सांसद ने नहीं दिया। मोदी के सामने अन्य केंद्रीय मंत्री भी हाथ बांधे खामोश खड़े रहे।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने में कर्नाटक को केंद्र सरकार से अपेक्षित सहायता नहीं मिली है। वेंटिलेटर्स तथा ऑक्सीजन की आपूर्ति में भी केंद्र सरकार ने मदद नहीं की है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी के कारण बड़ी संख्या में संक्रमित दम तोड़ रहे हैं।

Santosh kumar Pandey Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned