जलाशयों में जमी गाद निकालने को वरीयता दें

जलाशयों में जमी गाद निकालने को वरीयता दें

Shankar Sharma | Updated: 12 Jun 2019, 11:04:05 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि जलाशयों की तलहटी में भारी मात्रा में गाद जमा होने से जलाशयों की भराव क्षमता लगातार घटती जा रही है।

बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि जलाशयों की तलहटी में भारी मात्रा में गाद जमा होने से जलाशयों की भराव क्षमता लगातार घटती जा रही है। लिहाजा सिंचाई विभाग के अधिकारियों को राज्य भर के जलाशयों में जमी गाद निकालने का कार्य वरीयता के आधार पर करना होगा।

मुख्यमंत्री मंगलवार को यहां जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के सम्मेलन में सिंचाई विभाग की प्रगति समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि तुंगभद्र्रा जलाशय में गाद जमा होने से भराव क्षमता 33 टीएमसी कम हो गई है। भराव क्षमता को पूर्ववत करने के लिए फ्लड फ्लो कैनाल के जरिए पानी को नवली ग्राम के पास संतुलन जलाशय बनाकर एकत्रित करने की योजना बनाई गई है।

सीएम ने कहा कि महादयी नदी में राज्य के हिस्से के पानी के इस्तेमाल के लिए महादयी पंचाट के दायरे में आने वाली कानूनी अड़चनों को दूर करने के कदम उठाए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने येत्तितनहोले परियोजना के पहले चरण की लिफ्ट सिंचाई के निर्माण कार्य को त्वरित गति से पूरा करने और मानसून सीजन में प्रायोगिक तौर पर शुरू करने के कार्य को गति देने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने राज्य की सिंचाई क्षमता के सदुपोयग के लिए ब्ल्यू प्रिंट तैयार करने का सुझाव दिया। सिंचाई विभाग के अधीन आने नीरावरी निगमों के कार्य का मूल्यांकन करने व त्रैमासिक समीक्षा बैठक करने की सलाह दी। लोक निर्माण मंत्री एचडी रेवण्णा, लघु सिंचाई मंत्री सीएस पुट्टराजु, जल संसाधन विभाग के संसदीय सचिव गोपालस्वामी, मुख्य सचिव टीएम विजयभास्कर, सीएम के आर्थिक सलाहकार डॉ. सुब्रमण्या ने भाग लिया।

राष्ट्रीय विधि विवि में राज्य के विद्यार्थियों को आरक्षण की मांग
बेंगलूरु. राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में कर्नाटक के विद्यार्थियों को 50 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर बेंगलूरु शहर अधिवक्ता संघ ने राज्यपाल वजूभाई वाळा को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में विधानमंडल में पारित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया विधेयक-2017 (संशोधित) को शीघ्र मंजूरी की मांग की है।

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एपी रंगनाथ के मुताबिक विधेयक को मंजूरी मिलने से इस शिक्षा वर्ष में राज्य के विद्यार्थियों के लिए प्रवेश मिलना आसान होगा। देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित ऐसे विधि विवि में स्थानीय विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी गई है।

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