पर्यावरण की रक्षा सामाजिक अभियान बनें : आनंद सिंह

केएसपीसीबी के बारे में कई गलत धारणाएं बन गईं

By: Santosh kumar Pandey

Published: 17 Sep 2020, 03:18 PM IST

बेंगलूरु. पर्यावरण की रक्षा करना केवल कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (kspcb) का दायित्व नहीं बल्कि यह हम सबका सामाजिक दायित्व है। अगर हम इसे नहीं निभाएंगे तो आनेवाली पीढिय़ां हमें माफ नहीं करेगी। वन एवं पर्यावरण मंत्री आनंदसिंह ने यह बात कही।

कर्नाटक लघु उद्यम महासंघ तथा कर्नाटक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (केएसपीसीबी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि केएसपीबीसी तथा उद्यमियों के बीच निरंतर संवाद तथा समन्वय नहीं होने के कारण केएसपीसीबी के बारे में कई गलत धारणाएं बन गई हैं। अधिकतर उद्यमी केएसपीसीबी से दूर रहने काप्रयास करते है।

केवल कानून बनाने से पर्यावरण की रक्षा संभव नहीं

उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाने से पर्यावरण की रक्षा संभव नहीं है। यह समाज के हर व्यक्ति का दायित्व है। उद्यमियों को भी केएसपीसीबी के नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए पर्यावरण को साफ-सुथरा रखने में प्रशासन की मदद करनी चाहिए। सभी उद्योगों का केएसपीसीबी में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि राज्य में 8 लाख लघु उद्योग होने के बावजूद केएसपीसीबी में केवल 1 लाख 25 हजार पंजीकरण होना यह दर्शाता है कि अधिकतर उद्यमियों ने बोर्ड से मंजूरी और प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं किया है। केंद्र तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लिए प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि राज्य में 9 चिडियाघर चल रहे हैं। इन चिडियाघरों के प्रबंधन के लिए बजट में कोई आवंटन नहीं होता है। सभी चिडिय़ाघर पूर्णत: दर्शकों के प्रवेश शुल्क पर निर्भर हैं। गत 6-7 माह से लॉकडाउन के कारण दर्शक चिडिय़ाघरों से दूर होने के कारण आय नहीं हो रही है। कासिया जैसी संस्थाओं को चिडिय़ाघरों की हरसंभव सहायता करनी चाहिए।

कर्नाटक लघु उद्योग महासंघ (कासिया) के अध्यक्ष केबी अरसप्पा ने कहा कि केएसपीबीसी से मंजूरी पत्र प्राप्त करने के लिए कासिया का कार्यालय तथा पीनिया औद्योगिक क्षेत्र में 19 सितंबर से लेकर 20 दिसंबर तक तीन माह का पंजीकरण मेला आयोजित किया जाएगा। साथ में राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों में भी ऐसे मेले आयोजित होंगे।

इस अवसर पर केएसपीबीसी से सदस्य सचिव श्रीनिवासलु, श्रीकंठ दत्ता, कासिया के महासचिव एनआर जगदीश, पदाधिकारी मल्लेशगौडा उपस्थित थे।

Santosh kumar Pandey Desk
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