सबरीमाला अय्यप्पा मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ पूरे राज्य में प्रदर्शन

केरल के सबरीमाला स्थित अयप्पा मंदिर में दो महिलाओं को प्रवेश देकर सदियों पुरानी परंपरा तोडऩे के खिलाफ अय्यप्पा भक्तों ने गुरुवार को पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किए और केरल सरकार की कड़ी निंदा की।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 03 Jan 2019, 06:45 PM IST

कर्नाटक की बसों में तोडफ़ोड़, ९२ बसें निरस्त
बेंगलूरु. केरल के सबरीमाला स्थित अयप्पा मंदिर में दो महिलाओं को प्रवेश देकर सदियों पुरानी परंपरा तोडऩे के खिलाफ अय्यप्पा भक्तों ने गुरुवार को पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किए और केरल सरकार की कड़ी निंदा की।
बेंगलूरु में सबरीमाला क्षेत्र संरक्षण समिति के बैनर तले अय्यप्पा भक्तों ने मैसूरु बैंक सर्कल पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल सरकार ने हिंदू धर्म की परंपराओं के साथ खिलवाड़ किया और लाखों अय्यप्पा भक्तों की धार्मिक भावनाओं व आस्था को ठेस पहुंचाई है।
शहर के जालहल्ली क्रॉस के पास अय्यप्पा मंदिर के पास भी विरोध प्रदर्शन हुए। श्री सबरीमाला क्षेत्र संरक्षण समिति के कर्नाटक दक्षिण क्षेत्र के महासचिव निर्मल कुमार सुराणा ने आरोप लगाया कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में दायर पुनरीक्षण याचिका पर 22 जनवरी को सुनवाई होनी है लेकिन उससे पहले ही केरल सरकार ने दो महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति दे दी। मैसूरु में भी इस घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया।

केएसआरटीसी की बसों में तोडफ़ोड़
केरल बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कर्नाटक राज्य पथ परिवहन निगम की दो बसों में तोडफ़ोड़ की। इसके चलते केएसआरटीसी की केरल जाने वाली ९२ बसें निरस्त कर दी गई। बंद के चलते केएसआरटीसी को करीब १० करोड़ १६ लाख रुपए की राजस्व हानि हुई और २९ हजार १२० किलोमीटर बसें नहीं चलीं।
केएसआरटीसी के अनुसार केरल के कासरगोड़ बस स्टैंड पर प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार सुबह ६ बजे मेंगलोर डिपो की ऐरावत व एक अन्य बस पर पथराव किया। इससे बस के शीशे टूट गए लेकिन किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। इसके बाद बसों का परिचालन रोक दिया था। इनमें बेंगलूरु सेंट्रल की ३, चिक्कमगलूरु की २, पुत्तूर की १३, मैसूरु ग्रामीण की २०, हासन की दो तथा मेंगलोर की ४० बसें शामिल हैं। निगम के अधिकारियों ने बताया कि बस सेवा शाम छह बजे के बाद माहौल शांत होने पर बहाल कर दी गई है।

बंटवाल में भाकपा कार्यालय पर हमला
केरल के लगे सीमावर्ती जिले दक्षिण कन्नड़ के बंटवाल में बुधवार रात अज्ञात प्रदर्शनकारियों ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कार्यालय को निशाना बनाया और तोडफ़ोड़ की। भाकपा ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारी दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े थे और वे सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश देने के केरल की वामपंथी सरकार के समर्थन का विरोध कर रहे थे।
बंटवाल में भाकपा कार्यालय पर हमले के विरोध में बेंगलूरु में भाकपा बेंगलूरु जिला इकाई ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का अनुपालन किया है।भाकपा कार्यालय पर हमला करना अत्यंत निंदनीय है।
कर्नाटक के भाजपा नेताओं ने मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को केरल सरकार के समर्थन की निंदा की और मंदिर में दो महिलाओं के प्रवेश की घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

Santosh kumar Pandey Desk
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