पीयू प्रश्न पत्र लीक मामला:  दो आईपीएस भी लिप्त

राज्य बोर्ड की बारहवीं (द्वितीय पीयू) के रसायन शास्त्र (नवीन पाठ्यक्रम) के प्रश्न पत्र लीक होने के मामले की जांच आगे बढऩे के साथ ही इस गोरखधंधे में लिप्त लोगों पर शिंकजा कसता जा रहा है

By: शंकर शर्मा

Published: 06 Apr 2016, 11:27 PM IST

बेंगलूरु. राज्य बोर्ड की बारहवीं (द्वितीय पीयू) के रसायन शास्त्र (नवीन पाठ्यक्रम) के प्रश्न पत्र लीक होने के मामले की जांच आगे बढऩे के साथ ही इस गोरखधंधे में लिप्त लोगों पर शिंकजा कसता जा रहा है। जांचकर्ताओं के मुताबिक इस मामले में पीयू बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों के अलावा कुछ बड़े और रसूखदार प्रशासनिक अधिकारी भी लिप्त हैं।

एक काबीना मंत्री के विशेष कार्य अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का भी नाम जुड़ चुका है। मामले की जांच कर रहे अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) के सूत्रों के मुताबिक तुमकूरु का रहने वाला बर्खास्त पीयू व्याख्याता शिवकुमार ही प्रश्न पत्र लीक प्रकरण का मुख्य सूत्रधार है। अब तक गिरफ्तार पांच आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी और सबूतों के आधार पर इसकी पुष्टि हो चुकी है। हालांकि, शिवकुमार, उसका पुत्र दिनेश व सहयोगी कुमारस्वामी अब तक सीआईडी की पकड़ से बाहर हैं।

कभी भी गिरफ्तारी संभव
सीआईडी सूत्रों के मुताबिक इस मामले में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के जिन दो अधिकारियों के नाम आ रहे हैं उनमें से एक अधिकारी पुलिस उपायुक्त स्तर का है जबकि दूसरा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर का। हालाकि, सीआईडी के अधिकारी आधिकारिक तौर पर इसके बारे में कुछ नहीं कह रहे हैं लेकिन सूत्रों का कहना है कि संदेह के घेरे में आए दोनों ही अधिकारी इस समय हुब्बली और धारवाड़ में तैनात हैं।

सीआईडी इन दोनों की संलिप्पता को लेकर मिली जानकारी का सत्यापन कर चुकी है और इनकी गिरफ्तारी किसी भी समय हो सकती है लेकिन इन दोनों को गिरफ्तार करने से पहले सीआईडी मुख्य आरोपी माने जा रहे शिवकुमार को पकडऩा चाहती है। सीआईडी का मानना है कि शिवकुमार के पकड़े जाने से इस मामले में शामिल अन्य अधिकारियों या उन्हें संरक्षण देने वाले नेताओं के बारे में पता चल सकता है।

लालच में अफसर बने दोस्त
सीआईडी सूत्रों के मुताबिक दोनों पुलिस अधिकारी शिवकुमार की ओर से मिलने वाले तोहफों की लालच में उसके मददगार बन गए। शिवकुमार इन अधिकारियों से मदद पाने के लिए न सिर्फ उन्हें महंगे तोहफे देता था बल्कि विदेशों की सैर के लिए उनके हवाई टिकट का इंतजाम भी करता था। यह पहला मामला नहीं है जब पुलिस अधिकारियों और अपराधियों के बीच सांठ-गांठ का मामला सामने आया था। पिछले साल राज्य में एक अंकीय लॉटरी घोटाले में भी एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को आरोपी से दोस्ताना संबंध रखने और उसकी मदद करने के लिए निलंबित किया गया था।

पुलिस अफसर चलाता है ट्यूटोरियल
सीआईडी सूत्रों के मुताबिक संदेह के घेरे में आए एक पुलिस अधिकारी निजी ट्यूटोरियल भी चलाता है और उसके ट्यूटोरियल की बेंगलूरु और हुब्बली में कम से कम 15 शाखाएं हैं। यह अधिकारी निजी व्याख्याताओं की मदद से ट्यूटोरियल चलाता है। बताया है कि इन ट्यूटोरियल में पढऩे वाले विद्यार्थियों की मदद के लिए कई सालों से प्रश्न पत्र लीक कराने का गोरखध्ंाधा चल रहा था। शिवकुमार प्रश्न पत्र लीक कराने के बाद अपने नेटवर्क की मदद से उसे ट्यूटोरियल तक पहुंचाता था। शिवकुमार भी ट्यूटोरियल चलाता है और उसका गिरोह बेंगलूरु के अलावा आसपास के कई जिलों में सक्रिय है। बताया जाता है कि 21 मार्च को रसायन शास्त्र के प्रश्न पत्र पहली बार लीक होने के मामले में इन दोनों अधिकारियों की भी भूमिका है।

फोन टेप से खुले कई राज
सीआईडी सूत्रों के मुताबिक शिवकुमार के फोन टेप करने से इस मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इससे पता चला है कि शिवकुमार का संबंध न सिर्फ पीयू बोर्ड के अधिकारियों से हैं बल्कि कई ्रप्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से भी उसके अच्छे रिश्ते हैं, जिसकी बदौलत वह प्रश्न पत्र लीक कराता था। 

मंजुनाथ की पत्नी भी फरार : इस मामले में दो दिन पहले गिरफ्तार एक निजी कॉलेज के शिक्षक मंजुनाथ की पत्नी लीलावती भी फरार है। लीलावती शहर के मल्लेश्वरम इलाके में स्थित एक सरकारी कॉलेज में व्याख्याता है लेकिन मंजुनाथ की गिरफ्तारी के बाद से न तो वह कॉलेज आई और न ही उसके बारे में कोई सूचना ही कॉलेज प्रशासन को है। उसका फोन भी बंद है। इस बीच, पीयू शिक्षा विभाग के निदेशक रामेगौड़ा ने कॉलेज प्रशासन ने लीलावती के बारे में रिपोर्ट मांगी है।

अभिनेता की भी तलाश : सीआईडी की टीम अब लीक प्रश्न पत्र खरीदने वाले एक अभिनेता को भी ढूंढ रही है लेकिन मामला उजागर होने के बाद से वह फरार है। सीआईडी सूत्रों के मुताबिक टीवी धारावाहिक और कुछ फिल्मों में कर चुके अभिनेता संजय ने अपने भतीजे के लिए इन लोगों से लीक प्रश्न पत्र खरीदा था। संजय ने भी कुछ छात्रों को प्रश्न पत्र बेचा था और उन्हें प्रश्न पत्र व्हाट्स एप के जरिए भेजा था।

गौरतलब है कि रसायन शास्त्र की परीक्षा 21 मार्च को हुई थी लेकिन प्रश्न पत्र लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। हालांकि, पीयू बोर्ड को सुबह में ही प्रश्न पत्र लीक होने की जानकारी मिल गई थी लेकिन परीक्षा संपन्न होने उसे रद्द करने की घोषणा की गई थी। इसके बाद 31 मार्च को होने वाली पुनर्परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लीक होने जाने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई। अब 12 अप्रेल को पुनर्परीक्षा होगी।

दो और शारीरिक शिक्षक गिरफ्तार
पीयू प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में सीआईडी ने बुधवार को दो और शारीरिक शिक्षकों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक सरकारी  हाई स्कूल और निजी कॉलेज में कार्यरत है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। सीआईडी की पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सोनिया नारंग ने बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा सदाशिव नगर के एक निजी कॉलेज के शारीरिक शिक्षक अनिल और मत्तिकेरे स्थित सरकारी हाई स्कूल के शारीरिक शिक्षक सतीश को गिरफ्तार किया किया है। इन दोनों को सोमवार को गिरफ्तार किए गए तीन अन्य आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर गिरफ्तार किया गया। सोमवार को सीआईडी ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.शरण प्रकाश पाटिल के विशेष कार्य अधिकारी ओबला राजू, लोक निर्माण विभाग के प्रबंधक रुद्रप्पा और एक निजी कॉलेज के शिक्षक मंजुनाथ को गिरफ्तार किया था।

कुछ वर्षों में बन गया करोड़पति
सीआईडी के अधिकारियों के मुताबिक कुछ साल पहले तक तुमकूरु में एक सरकारी कॉलेज में कनिष्ठ व्याख्याता रहा शिवकुमार अब प्रश्न पत्र लीक कराने के धंधे से करोड़पति हो चुका है। प्रश्न पत्र लीक कराने के मामले मेंं पहली बार पकड़े जाने के बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। अब निजी ट्यूटोरियल चलाने वाला शिवकुमार दसवीं और बारहवीं की परीक्षओं के अलावा राज्य लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं के प्रश्न पत्र भी लीक कराकर उसके काफी महंगा बेचता था।

सीईटी का पर्चा भी लीक कराने की तैयारी थी
सीआईडी सूत्रों का कहना है कि 10 लाख में रसायन शास्त्र का प्रश्न पत्र लीक कराने वाले शिवकुमार की योजना राज्य के सरकारी अभियांत्रिकी व चिकित्सा कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीईटी) के प्रश्न पत्र को भी लीक कराने की थी। इसके लिए उसने कथित तौर पर 20 लाख रुपए में सौदा किया था।

केरल में तलाश
सीआईडी सूत्रों का कहना है कि शिवकुमार के केरल में छिपे होने की संभावना है। उसकी तलाश में केरल पुलिस की मदद से वहां भी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
शंकर शर्मा
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