देसाई क्रॉस ओवरब्रिज की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

देसाई क्रॉस ओवरब्रिज की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

Shankar Sharma | Updated: 12 Jun 2019, 11:39:23 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

देसाई क्रॉस पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज की गुणवत्ता में कमी पर केंद्रीय संसदीय मामलात, कोयला एवं खान मंत्री प्रहलाद जोशी ने नाराजगी जताई है।

हुब्बल्ली. देसाई क्रॉस पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज की गुणवत्ता में कमी पर केंद्रीय संसदीय मामलात, कोयला एवं खान मंत्री प्रहलाद जोशी ने नाराजगी जताई है। मंत्री जोशी ने अधिकारियों के साथ ओवरब्रिज कार्य की समीक्षा कर पुल की सडक़ के टेढ़ी-मेढ़ी होने, पुराने पैनलों को लगाने, पैनलों को मनमाने तौर पर जोडऩे पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों व ठेकेदार से पूछा कि इस प्रकार से कार्य करेंगे तो कैसे चलेगा देखने के लिए व्यवस्थित नजर नहीं आ रहा है।ठेकेदार ने जवाब दिया कि गुणवत्ता में किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया है। कम समय में कार्य पूरा करना है इस के चलते दूसरी जगह से पैनल लाए गए हैं।


संतुष्ट नहीं
पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि पुल निर्माण कार्य घटिया है कह कर सोशल मीडिया पर जनता के आक्रोश व्यक्त करने के चलते ब्रिज का जायजा लिया है। कार्य की गुणवत्ता से संतुष्ट नहीं हैं। पुराने पैनलों का इस्तेमाल किया गया है। दूसरे कार्य के लिए इस्तेमाल किया है ऐसा लग रहा है। आगामी दिनों में किसी प्रकार का कोई हादसा होने पर ठेकेदार तथा अधिकारी ही सीधे जिम्मेदार होंगे। हालही में धारवाड़ बहुमंजिला इमारत हादसे के ठेकेदार तथा अधिकारियों की जो स्थिति हुई है यह हम सब के सामने है।


जोशी ने कहा कि कार्य की गुणवत्ता में कमी के आरोप सुनाई देने के चलते योजना का डिजाइन तथा कार्य की गुणवत्ता की समीक्षा करने के लिए वे एक निजी अभियंता को निर्देश देंगे। पुल निर्माण के लिए 45 दिनों की समयसीमा होने से पैनल तैयार करना संभव नहीं होने के कारण दूसरी जगहों पर चल रहे कार्य के पैनल लगाए गए हैं। गुणवत्ता तथा सुरक्षा के बारे में अधिकारी तथा ठेकेदार ने आश्वासन दिया है। टूटे तथा पुराने पैनलों को बदलने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।


जोशी ने कहा कि रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य राज्य सरकार की सहभागिता के साथ चल रहा है। राज्य सरकार की ओर से इस कार्य के लिए दी जाने वाली 5.6 5 करोड़ रुपए की राशि अब तक नहीं दी गई है। राज्य सरकार को तुरन्त राशि मंजूर करनी चाहिए। रेलवे ओवरब्रिज के अगलबगल में सर्विस रोड विस्तार करने की अनिवार्यता होने पर जरूरी जमीन अधिग्रहण करने के बारे में विचार किया जाएगा। रेलवे ओवरब्रिज पर वन-वे वाहन यातायात के लिए जुलाई के प्रथम सप्ताह में मौका दिया जाएगा।


30 सितंबर से रेलवे ओवरब्रिज को वाहन यातायात के लिए पूरी तरह मुक्त किया जाएगा। लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने ओवरब्रिज की गुणवत्ता तथा सुरक्षता को विभिन्न चरणों में समीक्षा करने की कही है।


इस अवसर पर लोकनिर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यकारी अभियंता एनएम कुलकर्णी, सहायक कार्यकारी अभियंता कृष्णा रड्डी, पूर्व महापौर सुधीर सराफ, ठेकेदार वीएसवी प्रसाद, महेश टेंगिनकाई समेत कई उपस्थित थे।

अभियंता को लिया आड़े हाथ
केंद्रीय मंत्री जोशी के रेलवे ओवरब्रिज की समीक्षा कर लौटने के बाद स्थानीय निवासियों ने लोकनिर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग इकाई के कार्यकारी अभियंता एनएम कुलकर्णी को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि सर्विस रोड बहुत तंग है, जिससे वाहन यातायात में समस्या हो रही है। इस पर कार्यकारी अभियंता कुलकर्णी ने कहा कि सर्विस रोड पर स्थित ट्रैफिक खम्भा तथा अन्य सुविधाओं को स्थानांतरित कर वाहन यातायात के लिए सुविधा उपलब्ध की जाएगा।

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