एचएएल की क्रब पर नहीं चमकने देंगे किसी का भविष्य : राहुल

एचएएल की क्रब पर नहीं चमकने देंगे किसी का भविष्य : राहुल

Rajeev Mishra | Publish: Oct, 13 2018 07:37:17 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

रफाल सौदे के खिलाफ एचएएल मुख्यालय के सामने मिंक्स स्क्वायर पर पूर्व कर्मचारियों से संवाद
बोले, आधुनिक भारत के मंदिर को तोड़ रही है सरकार

बेंगलूरु. रफाल युद्धक विमान सौदे को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को बेंगलूरु पहुंचे और देश की एकमात्र सरकारी विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के पूर्व कर्मचारियों के साथ संवाद किया। राहुल ने एचएएल को आधुनिक भारत का मंदिर बताते हुए कहा कि रफाल के ऑफसेट ठेके से वंचित कर सरकार ने इसका अपमान किया है। राहुल ने कहा कि सरकार ने निजी कंपनी को ठेका देकर एचएएल को तोडऩे की कोशिश की है लेकिन हम इसें सफल नहीं देंगे।
एचएएल कॉरपोरेट ऑफिस के ठीक सामने मिंस्क स्क्वायर पर आयोजित संवाद में राहुल ने पूर्व कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार रफाल सौदे पर सच्चाई छिपा रही है। पूर्व कर्मचारियों की बातें सुनने के बाद राहुल ने कहा कि सरकार के एक व्यक्ति ने कहा कि एचएएल के पास रफाल विमान बनाने की क्षमता नहीं है लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि जिनको ठेका मिला है, उनके पास क्या बनाने की क्षमता है। बीते 70 वर्षों में एचएएल ने सुखोई जैसे कई विमान बनाए, लेकिन वे लोग कह रहे हैं कि एचएएल के पास क्षमता नहीं है। राहुल ने कहा कि एचएएल और अम्बानी की कंपनी के बीच कोई मुकाबला नहीं हैं। राहुल ने कहा कि कुछ लोग अगर ये सोचते हैं कि एचएएल की कब्र पर वे अपना भविष्य बना सकते हैं तो हम ऐसा नहीं होने देंगे। एचएएल का इतिहास ७८ वर्षों का है जबकि जिस कंपनी को ठेका मिला वह मुश्किल से दो सप्ताह पुरानी थी। एचएएल पर कर्ज नहीं है, कारोबार अब तक के रिकार्ड स्तर पर है लेकिन जिस व्यक्ति को ठेका मिला है उस पर ४० हजार करोड़ रुपए का कर्ज है।
राहुल ने संवाद में कहा कि राफेल डील एचएएल से छीनकर सरकार ने रिलायंस डिफेस को दे दिया, जिससे आपको झटका लगा है। विपक्ष में होने के कारण मैं कुछ कर नहीं सकता लेकिन इस संघर्ष में आपके साथ हूं। राहुल ने कहा कि रफाल ठेका एचएएल का अधिकार है और देश मेंं सिर्फ इसी कंपनी के पास रफाल बनाने की क्षमता है। हम इसके लिए संघर्ष करेंगे। राहुल ने कहा कि सरकार को ठेका देने का निर्णय क्षमता व दक्षता के आधार पर करना चाहिए। राहुल ने कहा कि सरकारी रक्षा उपक्रम को बचाने के लिए जहां भी उनके समर्थन की आवश्यकता होगी वे हमेशा तैयार हैं। राहुल ने कहा कि हमारा मानना है कि सरकारी कंपनियों की मजबूती से ही सामरिक हितों की रक्षा बेहतर तरीके से हो सकती है।
संवाद कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या, एम वीरप्पा मोइली, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी महासचिव के सी वेणुगोपाल, प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव भी उपस्थित थे।

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काफी संख्या में पहुंचे वर्तमान कर्मचारी भी
एचएएल के कर्मचारियों के राहुल के कार्यक्रम में भाग नहीं लेने की सलाह देने के बावजूद काफी संख्या में कार्यक्रम स्थल पर कंपनी के कर्मचारी दिखे। शुक्रवार को एचएएल कर्मचारी संघ ने राहुल से मिलने से इनकार कर दिया था और रफाल ठेके के मसले पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखने की बात कही थी।

अम्बानी की अनुभवहीतना पर रक्षा मंत्री मौन क्यों
संवाद के बाद कार्यक्रम स्थल से निकलते समय राहुल चंद पलों के लिए मीडिया से भी मुखातिब हुए। राहुल ने कहा कि एचएएल से जुड़े रहे लोगों का कहना है कि यह देश में रक्षा उपकरण बनाने के लिए सबसे अनुभवी व श्रेष्ठ कंपनी है। वे सरकार के अपनी कठोर परिश्रम और देशभक्ति पर सवाल उठाए जाने आहत हैं और अपमानित महससू कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि एचएएल का अपमान करने के लिए रक्षा मंत्री माफी मांगें। हालांकि, हमें पता है कि वे माफी नहीं मागेंगी। वे एचएएल के अनुभवहीनता की बात करती हैं लेकिन अनिल अम्बानी के अनुभवहीनता पर नहीं बोलती हैं।

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