आयकर छापे के दौरान छापे के दौरान परमेश्वर के घर पर ही था रमेश

आयकर छापे के दौरान छापे के दौरान परमेश्वर के घर पर ही था रमेश
आयकर छापे के दौरान छापे के दौरान परमेश्वर के घर पर ही था रमेश

Jeevendra Jha | Updated: 13 Oct 2019, 12:29:53 AM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

आयकर विभाग का पूछताछ से इनकार

 

बेंगलूरु. पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ जी परमेश्वर का निजी सहायक रमेश आत्महत्या करने से कुछ घंटे पहले तक कांग्रेस के नेता के घर पर ही मौजूद था। रमेश की आत्महत्या के बाद उपजे विवादों पर स्पष्टीकरण देते हुए आयकर विभाग ने कहा कि रमेश छापे की कार्रवाई के दौरान परमेश्वर के घर पर ही मौजूद था।

विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रमेश शनिवार तड़के करीब २.४५ बजे तक परमेश्वर के आवास पर मौजूद था। अधिकारियों ने कहा कि रमेश के घर पर न तो छापेमारी की गई और ना ही आयकर अधिनियम की धारा १३१ अथवा १३२ (४) बी के तहत रमेश का बयान ही दर्ज किया गया। विभाग ने कहा कि एक पंचनामे में उसने परमेश्वर के आवास पर रमेश की मौजूदगी को दर्ज किया था। विभाग ने कहा कि जब १० अक्टूबर को छापे की कार्रवाई शुरू हुई उस वक्त परमेश्वर अपने आवास पर मौजूद नहीं थे। परमेश्वर की पत्नी ने बताया था कि वे एक कार्यक्रम में भाग लेने अपने चुनाव क्षेत्र कोरटगेरे गए हैं।

कांग्रेस का आयकर विभाग पर निशाना
उधर, कांग्रेस ने रमेश की आत्महत्या को लेकर आयकर विभाग और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि आयकर विभ्राग की प्रताडऩा ने प्रदेश में एक और की जान ले ली। विपक्ष के नेता सिद्धरामय्या ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि रमेश ने आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा परेशान किए जाने की बात कही थी। अगर यह सच है तो इसकी जांच होनी चाहिए। सिद्धरामय्या ने कहा कि वे आयकर विभाग की कार्रवाई के खिलाफ नहीं हैं, वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन, क्या भाजपा में ऐसे लोग नहीं हैं जिनके खिलाफ भी छापे जैसी कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव ने भी कहा कि मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

15 अक्टूबर को पेश होने का समन
छापे की कार्रवाई के बाद विभाग ने परमेश्वर को १५ अक्टूबर को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है। परमेश्वर ने कहा कि विभाग ने उन्हें पेश होने के लिए कहा है और वे मंगलवार को पेश होंगे। परमेश्वर ने कहा कि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि कुछ विद्यार्थियों की शिकायत के बाद छापे की कार्रवाई की गई है।

परमेश्वर ने कहा : छापे राजनीतिक नहीं
परमेश्वर ने कहा कि ऐसा संभव है लेकिन इसकी जांच की जानी चाहिए। छापे की कार्रवाई को राजनीतिक रंग देने से इनकार करते हुए परमेश्वर ने कहा कि वे दस्तावेजों के साथ विभाग के निष्कर्षों का जवाब देंगे।
100 करोड़ की संपत्ति का हुआ खुलासा
विभाग ने गुरुवार को मेडिकल सीट ब्लॉक करने और फिर उसे अधिक डोनेशन पर देने के मामले में छापे मारे थे। परमेश्वर और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरएल जालप्पा के परिवार के सदस्य ट्रस्ट के माध्यम से कई शिक्षण संस्थान चलाते हैं। शनिवार सुबह तक चली कार्रवाई के दौरान विभाग ने नकदी और सावधि जमा के तौर पर करीब ९ करोड़ रुपए जब्त किए। साथ ही करीब १०० करोड़ रुपए की अघोषित संपत्ति का खुलासा किया।

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