कोरोना को लेकर मंत्री ने कहा, खुश तो हम भी नहीं

लेकिन क्या करें, कुछ सख्त कदम जरूरी

By: Santosh kumar Pandey

Published: 03 Apr 2021, 06:36 PM IST

बेंगलूरु. कर्नाटक सरकार के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर( Karnataka Health Minister K Sudhakar) ने विभिन्न क्षेत्रों के दबाव के बीच राज्य सरकार द्वारा कोरोना नियंत्रण के लिए जारी दिशा-निर्देशों को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि कुछ सख्त कदम उठाना अपरिहार्य है, ताकि चीजें नियंत्रण से बाहर न हों।

उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की तकनीकी सलाहकार समिति की सलाह पर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यदि २० अप्रेल तक हालात ठीक रहे तो समीक्षा के बाद गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।

खुश तो हम भी नहीं हैं

सरकार गतिविधियों को प्रतिबंधित करके खुश नहीं है। मैं पिछले एक महीने से मीडिया के माध्यम से अनुरोध कर रहा हूं कि कोरोना की दूसरी लहर आ चुकी है इसके लिए सावधानी जरूरी है। यदि लोग नहीं समझते हैं और एहतियाती उपाय नहीं करते हैं तो सरकार के पास कोई अन्य विकल्प नहीं होगा और गंभीर कदम उठाने पड़ सकते हैं।

प्रतिदिन 5,000 मामलों ने किया मजबूर

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कर्नाटक सभी व्यावसायिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने वाला पहला राज्य था लेकिन राज्य में आज प्रतिदिन 5,000 मामले सामने आ रहे हैं और उनमें से 3,500 अकेले बेंगलूरु से हैं।
मालूम हो कि कोविद -19 पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सरकार ने शुक्रवार को दिशा-निर्देशों के तहत सिनेमाघरों में कुल क्षमता का 50 प्रतिशत दर्शकों को ही फिल्म दिखाने की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही जिम और स्विमिंग पूल को बंद करने का आदेश दिया था। सरकार द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंध 20 अप्रैल तक लागू रहेंगे।

हालात बेकाबू नहीं हों

मंत्री ने कहा कि कई क्षेत्रों के लोग कह रहे हैं कि उनकी गतिविधियों को प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए। हम भी समझते हैं, लेकिन चीजें हमारे नियंत्रण से बाहर नहीं होनी चाहिए, इसलिए सरकार के लिए कुछ सख्त उपाय करना अपरिहार्य था। हम सभी से सहयोग का अनुरोध करते हैं।

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