सात दिन होगा नमस्कार महामंत्र

सात दिन होगा नमस्कार महामंत्र

Rajendra Shekhar Vyas | Publish: Sep, 06 2018 08:06:50 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

यशवंतपुर के मेवाड़ भवन में होगी पर्युषण पर्व की आराधना

रात्रिकालीन कार्यक्रम भी विविध प्रसंगों पर होंगे

14 को संवत्सरी और 15 को क्षमायाचना पर्व मनाया जाएगा
बेंगलूरु. जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा यशवंतपुर के तत्वावधान में मुनि रणजीत कुमार व मुनि रमेश कुमार के सान्निध्य में यशवंतपुर स्थित मेवाड़ भवन में 7 से 15 सितम्बर तक पर्युषण पर्व की आराधना चलेगी। सभा अध्यक्ष प्रकाश बाबेल, मंत्री गौतम मुथा ने बताया कि सात दिन तक नमस्कार महामंत्र का अखंड जाप, 7 सितंबर को खाद्य संयम, 8 को स्वाध्याय, 9 को अभिनव सामायिक, 10 को वाणी संयम, 11 को अणुव्रत दिवस, 12 को जप दिवस, 13 को ध्यान दिवस, 14 को संवत्सरी व 15 को क्षमायाचना मनाया जाएगा। रात्रिकालीन कार्यक्रम भी विविध प्रसंगों पर होंगे।
हाथों की शोभा दान से
विनय से होता है शरीर का शुद्धिकरण

मकान बनाने में समय लगता है, परंतु जीव को काया का निर्माण करने में समय नहीं लगता।
बेंगलूरु. विजयनगर स्थानक में साध्वी मणिप्रभा ने कहा कि हाथों की शोभा दान से है। शीश की शोभा विनय से है। विनय द्वारा शरीर का शुद्धिकरण होता है। विनय द्वारा ज्ञान प्राप्त होता है। लोक दिखावे के लिए विनय करना, नमस्कार करना लोकोपचार विनय है। कामना पूर्ति के लिए विनय की जाती है वह काम पिपासा विनय है। धन प्राप्ति के लिए की जाने वाली विनय धन विनय है और डर से की जाने वाली विनय भय विनय है। ये विनय विनय नहीं होती। विनय में श्रद्धा होती है। समर्पण होता है और जो हृदय से निकलती है वही वास्तव में विनय है। साध्वी आस्था ने कहा कि संसार में ऐसा कोई जीव नहीं जिसके पास काया न हो। संसार में रहने की सामान्य योग्यता नींव है। जैसे आकाश सब द्रव्यों का आधार है, वैसे ही काया भी जीव की समस्त गतिविधियों का आधार स्थल है। पुण्य पाप की कर्ता है। कर्मों को भोगने का भी साधन ये है। मकान बनाने में समय लगता है, परंतु जीव को काया का निर्माण करने में समय नहीं लगता।

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