जाति व्यवस्था बने रहने तक आरक्षण जरूरी : सिद्धरामय्या

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिद्धरामय्या ने कहा कि देश में जब तक जाति व्यवस्था विद्यमान है तब तक समाज के दलित व पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण हर हाल में जारी रहना चाहिए।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 07 Mar 2020, 06:13 PM IST

बेंगलूरु. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिद्धरामय्या ने कहा कि देश में जब तक जाति व्यवस्था विद्यमान है तब तक समाज के दलित व पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण हर हाल में जारी रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संविधान के निर्माता डा. बीआर आम्बेडकर को उम्मीद थी कि संविधान लागू हो जाने के दस सालों के बाद दलित व कमजोर तबके के लोगों को राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक न्याय मिल जाएगा लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ।

इन तबकों को दस सालों में राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक न्याय नसीब नहीं हुआ जिसकी वजह से आम्बेडकर की उम्मीदें पूरी नहीं हो पाई। लेकिन आम्बेडकर ने ही कहा था कि जब तक देश में जाति व्यवस्था बनी रहेगी तब तक आरक्षण भी आवश्यक रहेगा।

उन्होंने कहा कि संविधान की उम्मीदों के मुताबिक देश में एक स्तर तक राजनीतिक न्याय मिला है जिसके परिणामस्वरूप सभी संवैधानिक संस्थाओं में अनुसूचित जाति व जन जातियों के लोग चयनित होकर आ रहे हैं।

शोषितों को राजनीतिक न्याय मिलने के बावजूद अभी तक सामाजिक व आर्थिक न्याय नहीं मिल पाया है। जब तह यह नहीं मिलता, तब संविधान की उम्मीदें पूरी नहीं होगी। आज भी 70 फीसदी गांवों में जातिवाद है जिसका निवारण होना चाहिए।

Santosh kumar Pandey Desk
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