ट्विटर पर वार-पलटवार !!!

ट्विटर पर वार-पलटवार !!!

Rajendra Shekhar Vyas | Publish: May, 17 2019 06:05:11 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

जद-एस प्रदेश अध्यक्ष के बाद कुमारस्वामी के साथ उलझे सिद्धू

खरगे का नाम लिया तो सिद्धरामय्या बोले- रेवण्णा भी सीएम के काबिल

बेंगलूरु. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे पर टिप्पणी को लेकर मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और पूर्व मुख्यमंत्री व सत्तारूढ़ गठबंधन समन्वय समिति के प्रमुख सिद्धरामय्या के बीच ट्विटर पर बहस छिड़ गई। इससे पहले प्रदेश जद-एस अध्यक्ष एच.विश्वनाथ और सिद्धरामय्या के बीच भी खूब जुबानी जंग हुई। अब मुख्यमंत्री कुमारस्वामी और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या के बीच ट्विटर वार से गठबंधन दल में खटास और बढऩे की अटकलें लगाई जा रही हैं।
दरअसल, कुमारस्वामी ने सिद्धरामय्या पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा था कि कांग्रेस के वरिष्ठ दलित नेता मल्लिकार्जुन खरगे को बहुत पहले मुख्यमंत्री बन जाना चाहिए था। उनका इशारा वर्ष 2013 में खरगे की जगह सिद्धरामय्या के मुख्यमंत्री बनने की ओर था जब विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला था। कुमारस्वामी ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री नहीं बनने को एक बड़ी राजनीतिक भूल हुई। कुमारस्वामी का यह निशाना सटीक लगा। सिद्धरामय्या ने उनकी मंशा भांपते हुए गुरुवार को कहा कि जनता दल-एस में भी लोक निर्माण मंत्री एचडी रेवण्णा मुख्यमंत्री बनने की योग्यता रखते हैं। दरअसल, रेवण्णा एचडी कुमारस्वामी के बड़े भाई हैं। सिद्धरामय्या ने ट्विटर पर लिखा 'कुमारस्वामी जो कह रहे हैं वह सही है।
मल्लिकार्जुन खरगे की योग्यता न सिर्फ मुख्यमंत्री बनने की है बल्कि वे उससे भी ऊंचे पद के काबिल हैं। कांग्रेस और जद-एस में भी कई नेता हैं जो मुख्यमंत्री बनने की योग्यता रखते हैं। एचडी रेवण्णा भी उनमें से एक हैं। लेकिन, हर चीज के लिए एक समय होता है।Ó इपर मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर दिए गए उनके बयान पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। वे इसमें कोई राजनीतिक फायदा नहीं देखते। उनके मन में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे की 40 दशकों की राजनीति को लेकर सम्मान है और इसलिए ऐसा बयान दिया। इस बयान का राजनीतिक अर्थ निकालना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे किसी दल और जाति से ऊपर हैं।
सिद्धरामय्या के ट्वीट के बाद लोकनिर्माण मंत्री रेवण्णा ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि देवगौड़ा परिवार के भाइयों के बीच कोई संघर्ष नहीं है। उनके परिवार में एचडी देवेगौडा की आज्ञा का सभी भाई यथावत पालन करते है। सिद्धरामय्या को उनके प्रति विशेष स्नेह होने के कारण शायद यह बात कही है। लेकिन, अभी मुख्यमंत्री का पद रिक्त नहीं है इसलिए किसी के मुख्यमंत्री बनने की बाते करना अतार्किक है। उधर, मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को घेरने में भाजपा भी पीछे नही रही। ट्वीट को लेकर उठे विवाद के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीएस येड्डियूरप्पा ने कहा कि एचडी कुमारस्वामी के पास ऐतिहासिक भूल सुधारने का अनमोल अवसर आया है।
मुख्यमंत्री कुमारस्वामी अपने पद से त्यागपत्र देकर मल्लिकार्जुन खरगे को मुख्यमंत्री बनने का अवसर प्रदान करें और राजनीतिक भूल को सुधार लें। दरअसल, कुमारस्वामी और सिद्धरामय्या के बीच ट्विटर वार गठबंधन दल में बढ़ी खटास का परिणाम है। कांग्रेस नेताओं द्वारा बार-बार सिद्धरामय्या को मुख्यमंत्री बनाने की बात से जद-एस नाराज है। मुख्यमंत्री पद के बारे में यह चर्चा 23 मई को आने वाले लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की गठबंधन सरकार की स्थिरता को लेकर चल रही अटकलों के बीच चल हो रही है।

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