चावल मिलों में ही खुलेंगे धान क्रय केंंद्र

राज्य में पहली बार सरकार चावल मिलों में ही धान की खरीद करेगी।

By: शंकर शर्मा

Published: 25 Nov 2018, 11:13 PM IST

बेंगलूरु. राज्य में पहली बार सरकार चावल मिलों में ही धान की खरीद करेगी। सरकार ने इस साल चावल मिल परिसर में ही धन क्रय केंद्र खोलने का निर्णय लिया है ताकि भंडारण की समस्या से बचा जा सके। सरकार ने धान के लिए प्रति क्विंटल १७५० रुपए का समर्थन मूल्य घोषित किया है।


मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में समर्थन मूल्य निर्धारण और धान खरीद के निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए सहकारिता मंत्री बंडप्पा काशमपुर ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार चावल मिलों पर ही धान खरीद की जाएगी और कुटाई के बाद उन्हें जनवितरण प्रणाली के तहत राशन दुकानों में बिक्री के लिए भेजा जाएगा। मंत्री ने कहा कि पहले हम धान खरीद कर उसका भंडारण करते थे और फिर मिलों को भेजते थे लेकिन अब सीधे मिल पर ही धान खरीदा जाएगा। इसके लिए मिल परिसरों में धान क्रय केंद्र खोले जाएंगे।


यहां शनिवार को बैठक के पश्चात उन्होंने कहा कि राज्य में 10 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई की गई है। इस वर्ष 45 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है। केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर राज्य को दो लाख मीट्रिक टन धान खरीदने की अनुमति दी है। धान खरीदी के लिए खरीदी केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। 5 दिसंबर से धान उत्पादक किसान इन केद्रों में अपना पंजीयन करा सकते हैं।

15 दिसंबर तक केंद्रों में पंजीकरण किया जाएगा। उसके पश्चात 16 दिसम्बर से इन केंद्रों में पंजीकृत किसानों से खरीदी शुरू की जाएगी। बाजार में धान का खरीदी मूल्य 1300 से 1400 रुपए है। सरकार समर्थन मूल्य के साथ 1750 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीदेगी।


उन्होंने कहा कि उड़द तथा सोयाबीन की खरीदी के लिए पंजीकरण कराने का समय खत्म हो गया है। रविवार से ही खरीदी केंद्रों में उड़द 5600 रुपए प्रति क्विंटल तथा सोयाबीन 3390 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जाएगा। सरकार ने अभी तक 28 लाख मीट्रिक टन दलहन खरीदी हैं। इसके बावजूद किसानों के पास बड़ी मात्रा में दलहन का भंडारण होने से अतिरिक्त खरीदी के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मांगी गई है। राज्य का प्रतिनिधिमंडल 28 नवंबर को इस संबंध में केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात करेगा।


उन्होंने कहा कि राज्य में 15.56 लाख हेक्टेयर में तुअर की बुवाई की गई है। इस वर्ष राज्य में 11.34 लाख मीट्रिक टन तुअर उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समर्थन मूल्य के साथ प्रति क्विंटल 5675 रुपए मूल्य से तुअर खरीदी जाएगी। तुअर खरीदी का कार्यकाल एक माह तक विस्तारित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इसके अलावा समर्थन मूल्य के साथ मक्का तथा प्याज खरीदी पर भी विचार-विमर्श चल रहा है।

प्याज उत्पादकों की मदद का प्रस्ताव
काशमपुर ने कहा कि बैठक में प्याज की थोक कीमतों में अचानक हुई गिरावट पर भी चर्चा हुई और मुख्यमंत्री को इसके बारे में दो प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। इसमें सरकार के किसानों से प्याज खरीदने अथवा आम उत्पादकों की तरह प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव है।

शंकर शर्मा
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