आरपीएफ ने मुक्त कराए सात बच्चे

तस्करी कर लाए गए थे, इनमें एक लडक़ी भीलवाड़ा की

By: Yogesh Sharma

Updated: 23 Feb 2021, 07:42 PM IST

बेंगलूरु. रेलवे सुरक्षा बल, बेंगलूरु मंडल की नन्हें फ़रिश्ते टीम ने पिछले चार दिनों में 7 बच्चों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। टीम ने सोमवार को एक 14 साल के लडक़े को बचाया। लडक़ा केएसआर बेंगलूरु रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 9 पर था। उसे मद्दूर के एक लकड़ी उद्योग में काम करने के लिए लाया गया था। वह मद्दूर में काम की जगह से भाग कर बेंगलूरु पहुंच गया था।
बिहार के चार नाबालिग लडक़े, जो बाल श्रम में लिप्त थे, तस्करों के चुगुल से भाग गए और १९ फरवरी को केएसआर बेंगलूरु रेलवे स्टेशन पहुंच गए। केएसआर बेंगलूरु रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर मिले बच्चों को बाल श्रम के लिए त्रिपुरा से लाया गया था। नन्हे फरिश्ते टीम ने १९ फरवरी को ही यलहंका रेलवे स्टेशन पर एक 14 वर्षीय लडक़ी को भी बचाया। यह लडक़ी राजस्थान के भीलवाड़ा से अगवा कर लाई गई थी। टीम ने अपहरणकर्ता को भी पकड़ लिया और राजस्थान पुलिस को सूचित किया जो अपहरणकर्ता को अपनी हिरासत में लेने के लिए पहुंच रही है। रेस्क्यू किए गए बच्चों को एक एनजीओ को सौंप दिया गया है।
रेलवे सुरक्षा बल ने रेलवे के संपर्क में आने वाले भगोड़े/तस्करी कर लाए जाने वाले बच्चों को बचाने के लिए अभियान चला रखा है। सुरक्षा बल ने ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत समर्पित बचाव दल का गठन किया है। टीम ने जनवरी, 2017 से अब तक, दक्षिण पश्चिम रेलवे के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर 2927 बच्चों को बाल तस्करी से मुक्त कराया है।

Yogesh Sharma Reporting
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