बिजली आपूर्ति कंपनियों को 2500 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण

- मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद विधि व संसदीय कार्य मंत्री जे.सी.मधुस्वामी ने यह जानकारी दी।उन्होंने कहा कि बेस्काम, मेस्काम, जेस्काम, हेस्काम तथा चामुंडेश्वरी बिजली आपूर्ति कंपनी को पूर्व में अलग अलग बिजली खरीदने पर घाटा हुआ है जिसकी भरपाई के लिए सरकार ने 2500 करोड़ रुपए ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय किया है।

By: Surendra Rajpurohit

Published: 09 Jul 2020, 09:13 PM IST

बेंगलूरु. गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रही बिजली आपूर्ति कंपनियों को आसन्न संकट से उबारने के लिए राज्य सरकार ने पांचों बिजली आपूर्ति कंपनियों को कुल 2500 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय किया है।

 

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद विधि व संसदीय कार्य मंत्री जे.सी.मधुस्वामी ने यह जानकारी दी।उन्होंने कहा कि बेस्काम, मेस्काम, जेस्काम, हेस्काम तथा चामुंडेश्वरी बिजली आपूर्ति कंपनी को पूर्व में अलग अलग बिजली खरीदने पर घाटा हुआ है जिसकी भरपाई के लिए सरकार ने 2500 करोड़ रुपए ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय किया है।

 

विजयपुरा जिले के बुरानपुरा व माधुभावी ग्राम के पास 220 करोड़ रुपए की लागत से देशीय उड़ानों के लिए ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे का विकास किया जाएगा। निर्माण शुरू करने के लिए पहले चरण में 95 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

 

अस्पतालों को 202 करोड़ की सहायता

 

उन्होंने कहा कि सरकार जिला व तालुक अस्पतालों में अतिरिक्त बिस्तर, फर्नीचर, उपकरणों की खरीद व हाई फ्लो ऑक्सीजन पाइप लगवाने के लिए २02 करोड़ रुपए जारी करेगी। मंत्रिमंडल ने संविदा चिकित्सकों को सशर्त स्थाई करने के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है। चिकित्सकों की सेवा वरिष्ठता को ध्यान रखकर हर छह माह में 2.5 कृपांक देने का निर्णय किया है। इस तरह अधिकतम 30 कृपांक देकर उन्हें सशर्त स्थाई करने पर सहमति जताई गई है।

एपीएमसी सेस घटाया

 

किसानों व खरीददारों के हितों के लिए एपीएमसी सेस 1.5 फीसदी से घटाकर 1 फीसदी किया गया है। लोकायुक्त अधिनियम के अनुच्छेद 9 में संशोधन कर 90 दिन में जांच पूरी करने का प्रावधान किया गया है। रायचूर में आईआइटी की स्थापना के प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।संचित कोष 80 करोड़ से 500 करोड़श्रमजीवियों को आर्थिक सहायता देने के लिए तत्काल धन की जरूरत है को देखते हुए संचित कोष को 80 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 500 करोड़ रुपए किया जाएगा। फिलहाल विधानसभा का सत्र नहीं होने के कारण बैठक में इस संबंध में अध्यादेश जारी कर धन जुटाने का निर्णय किया है।

Surendra Rajpurohit Reporting
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