आध्यात्मिक संपत्ति के लिए सुख-सुविधा का त्याग जरूरी

Shankar Sharma

Publish: Jul, 13 2018 10:18:07 PM (IST)

Bangalore, Karnataka, India
आध्यात्मिक संपत्ति के लिए सुख-सुविधा का त्याग जरूरी

शिवराम पेट प्रीमियर अपार्टमेंट में जैनाचार्य विजय रत्नसेन सूरीश्वर के सान्निध्य में भाववाही स्तुतियों के माध्यम से संयम वंदनावली एवं पंच द्रव्य एकासने हुए।

मैसूरु. शिवराम पेट प्रीमियर अपार्टमेंट में जैनाचार्य विजय रत्नसेन सूरीश्वर के सान्निध्य में भाववाही स्तुतियों के माध्यम से संयम वंदनावली एवं पंच द्रव्य एकासने हुए। सुमतिनाथ जैन संगीत मंडल की प्रस्तुति के बाद धर्मसभा में आचार्य ने कहा कि आत्मा की आध्यात्मिक संपत्ति पाने के लिए सुख सुविधाओं का त्याग करना अत्यंत ही जरूरी है। आध्यात्मिक वैभव को पाना हो तो देह के प्रति कठोर बनना ही पड़ेगा।


आचार्य ने जोर दे कर कहा कि संयम जीवन स्वीकार करने के साथ ही दैहिक सुखों का त्याग स्वत: ही हो जाता है।
संघ अध्यक्ष अशोक दातेवाडिय़ा ने चातुर्मास के दौरान तप एवं उपधान तप के लिए आमंत्रण दिया। भावयात्रा का लाभ कांतिलाल पटवारी ने लिया।


शुक्रवार सुबह ८.३० बजे आचार्य का सामैया त्यागराज रोड पर पेट्रोल पंप से शुरू होकर वासुपूज्य जैन दादाबाड़ी अग्रहार पहुंचेगा।

विश्व शांति के प्रेरक थे आचार्य महाप्रज्ञ


बेंगलूरु. जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा विजयनगर के तत्वावधान में आचार्य महाप्रज्ञ का ९९वीं जयंती बुधवार रात अर्हम भवन में मुनि रणजीत कुमार, मुनि रमेश कुमार के सान्निध्य में प्रज्ञा दिवस के रूप में मनाया गया। मुमुक्षु खुशबू आच्छा का मंगलभावना कार्यक्रम भी हुआ।


मुनि रणजीत कुमार ने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ ऐसे महापुरुष थे, जो स्थूल जगत को छोड़ सूक्ष्म जगत में जीते थे। उन्होंने मानव समाज को अनेकानेक अवदान दिए, जिनकी उपयोगिता आज भी है। मुनि रमेश कुमार ने कहा कि व्यक्तित्व की पहचान का आधार आचार विचार और व्यवहार है। आचार्य महाप्रज्ञ के व्यक्तित्व की श्रेष्ठता इनमें में झलकती है।


मुख्य अतिथि आदि चुनचुन गिरि शाखा मठ के सौम्यानाथ स्वामी ने कहा कि तेरापंथ धर्मसंघ के सभी आचार्य महात्यागी हैं। आदि चुनचुन गिरी एवं तेरापंथ धर्मसंघ का निकट सम्बन्ध रहा है। बालगंगाधर स्वामी एवं आचार्य महाप्रज्ञ डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने मिलकर अनेक कार्य किए हैं। बिड़दी के वैर मंगला शिव मठ के मठपति नागराज स्वामी ने भी आचार्य को दिव्य पुरुष बताया। अणुव्रत समिति अध्यक्ष कन्हैयालाल चिपड़, धनराज टांटिया, उम्मेदमल नाहटा, महिला मंडल मंत्री महिमा पटावरी ने भी विचार व्यक्त किए।


प्रारंभ में छतरसिंह मालू, मनोहर बोहरा ने महाप्रज्ञ अष्टकम प्रस्तुत किया। सभा अध्यक्ष बंशीलाल पितलिया ने मुमुक्षु खुशबू के प्रति मंगल भावना व्यक्त की। तेयुप अध्यक्ष दिनेश मराठी ने खुशबू का परिचय दिया। महिला मंडल ने सामूहिक गीत व बरखा पुगलिया, सुवालाल चावत ने गीत पेश किया। संचालन मंत्री कमल तातेड़ ने किया। श्रेयांस गोलछा ने धन्यवाद दिया।

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