साध्वी ने बताया आंखों का महत्व

श्रीरंगपट्टण में प्रवचन

By: Santosh kumar Pandey

Published: 30 Aug 2020, 07:46 PM IST

बेंगलूरु. श्रीरंगपट्टण के दिवाकर मिश्री गुरु राज दरबार में साध्वी डॉ. कुमुदलता ने आंखों का महत्व बताते हुए उससे जुड़े ज्योतिष का भी ज्ञान दिया। उन्होंने कहा कि आंखों का हमारे जीवन में जो महत्व है वह हम भली भांति जानते हैं।

साध्वी ने कहा कि जैसे आकार का दर्शन आंख से होता है और संस्कार का दर्शन आचार से हो जाता है। वर्तमान समय में बदलते लाइफ स्टाइल और अनियमित दिनचर्या प्रदूषण तथा मानसिक तनाव की अधिकता से अधिकांश लोग आंखों से जुड़ी समस्याओं का सामना करते हैं।

अब इस बात को ज्योतिष दृष्टिकोण से देखें तो हमारे जीवन से जुड़ी किसी भी स्वास्थ्य समस्या का हमारी जन्मकुंडली में बने ग्रह योगों से सीधा संबंध होता है और हमारी कुंडली की गृह स्थितियां यह स्पष्ट रूप से बताती हैं कि किस प्रकार की स्वास्थ्य समस्या हमारे जीवन में आने की अधिक संभावना है। ज्योतिष में सूर्य को नेत्र ज्योति का कारक माना गया है। जो हमारी नेत्र ज्योति को नियंत्रित करता है।

उन्होंने कहा कि सूर्य की तो यहां मुख्य भूमिका है ही, इसमें भी सूर्य को दांयी और चंद्रमा को बायीं आंख का नियंत्रक माना गया है। इसके अलावा जो महत्वपूर्ण घटक है वह है कुंडली का दूसरा और बारहवां भाव। दूसरा भाव दांयी आंख का कारक है तथा बारहवां भाव बांईं आंख का कारक है। आंखों से जुड़ी समस्याओं में विशेष तरह सूर्य तथा कुंडली के दूसरे और बारहवें भाव की स्थिति विचारणीय होती है। जिन लोगों की कुंडली में सूर्य बहुत पीडि़त होता है उन्हें नेत्र से जुड़ी समस्याएं अधिक परेशान करती हैं।

परंतु एक उपाय जो आंखों की समस्या के लिए लाभकारी है और जो हर एक व्यक्ति कर सकता है। वह है सूर्य की उपासना आंखों से जुड़ी समस्याओं में बहुत लाभकारी है। तांबे के पात्र से सूर्य को रोज जल अर्पित करें। सुबह जल्दी उठकर सूर्य दर्शन अवश्य करें। दिवाकर गुरु मिश्री राज दरबार में श्रावक-श्राविकाओं ने साध्वी मंडल का दर्शन लाभ लिया।

Santosh kumar Pandey Desk
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