scriptScientists identify blood based biomarkers | वैज्ञानिकों ने की रक्त आधारित बायोमार्कर की पहचान | Patrika News

वैज्ञानिकों ने की रक्त आधारित बायोमार्कर की पहचान

- कर्नाटक : भाविसं का शोध

बैंगलोर

Published: December 02, 2021 10:59:13 pm

- ब्रेन ट्यूमर के आकार में वृद्धि और मरीज के बचने की संभावनाओं का लगा सकेंगे अनुमान

बेंगलूरु. भारतीय विज्ञान संस्थान (भाविसं) ने सेंटर फॉर बॉयोसिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (बीएसएसइ), मजूमदार शॉ मेडिकल फाउंडेशन व मजूमदार शॉ सेंटर फॉर ट्रांसलेशनल रिसर्च की साझेदारी में एक संभावित रक्त-आधारित बायोमार्कर की पहचान की है जिससे अंतिम चरण में सामने आए बे्रन ट्यूमर की प्रगति और जीवित रहने के समय की भविष्यवाणी की जा सकती है। हालांकि, इसे लैब से क्लिनिक तक ले जाने से पहले बड़े पैमाने पर अतिरिक्त परीक्षण व सत्यापन आवश्यक है। टीम तीसरे और चौथे चरण के ट्यूमर वाले मरीजों पर इन दो मार्करों का परीक्षण करेगी और उनके जीवित रहने के समय का आकलन करेगी।

indian_institute_of_science.jpg

ग्लोमस ट्यूमर की पहचान तीसरे या चौथे चरण में हो तो इसका उपचार कठिन होता है। कीमोथेरेपी जैसे पारंपरिक कैंसर उपचार अक्सर इन ट्यूमर के इलाज में अप्रभावी होते हैं। मरीज के बचने की संभावना कम होती है। इनपर विशिष्ट उपचार रणनीतियों का असर नहीं होता है।

बीएसएसइ में सहायक प्रोफेसर और अध्ययन के वरिष्ठ लेखक डॉ. सिद्धार्थ झुनझुनवाला ने कहा, 'हमारे पायलट अध्ययन से पता चलता है कि प्रतिरक्षा कोशिकाओं पर मौजूद दो रक्त-आधारित बायोमार्कर का उपयोग करके हम संभावित रूप से उन मरीजों की पहचान कर सकते हैं जिनपर विशिष्ट उपचार रणनीतियों का असर नहीं होता है। इस तरह की रक्त-आधारित परीक्षण पद्धति चिकित्सकों को रोग की प्रगति को बेहतर तरीके से समझने और अधिक प्रभावी उपचार व आहार चुनने में मदद कर सकती है।'

उन्होंने बताया कि कीमोथेरेपी जैसे पारंपरिक कैंसर उपचार के अक्सर इन ट्यूमर के इलाज में अप्रभावी होने के कारण इम्यूनोथेरेपी जैसी नई तकनीकों पर निर्भरता बढ़ी है। इसमें ट्यूमर कोशिकाओं पर हमला करने के लिए हमारी अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित किया जाता है। हालांकि, ग्लियोमा के इलाज के लिए कुछ मानक इम्यूनोथेरेपी के उपयोग के प्रयासों को सीमित सफलता मिली है।

बीएसएसइ में पीएचडी छात्र और अध्ययन की पहली लेखक जयश्री वी. राघवन ने बताया कि टीम ने ग्रेड तीन और ग्रेड चार ग्लियोमा के मरीजों से रक्त और ट्यूमर के नमूने एकत्र किए और इन नमूनों में मोनोसाइट्स और न्यूट्रोफिल नामक विशिष्ट प्रतिरक्षा कोशिकाओं की संख्या की तुलना की। चूंकि ये बायोसैंपल हैं, इसलिए सेल व्यवहार्यता के नुकसान के बिना उन्हें बहुत अच्छी तरह से संरक्षित और संसाधित करने की आवश्यकता पड़ी।

टीम ने ट्यूमर के दो ग्रेड में इन कोशिकाओं पर सतह प्रोटीन की संरचना में अंतर की समीक्षा भी की। एक निश्चित प्रकार के मोनोसाइट्स (एम-2 मोनोसाइट्स) ग्रेड चार ट्यूमर के नमूनों में बड़ी संख्या में मौजूद थे। पिछले अध्ययनों से पता चला है कि एम-2 मोनोसाइट्स की उच्च संख्या प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं के दमन से जुड़ी है और इसलिए यह खोज नई उपचार रणनीतियों को विकसित करने में मदद कर सकती है।

डॉ. झुनझुनवाला ने बताया कि भविष्य के अध्ययन उन उपचारों को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जो ट्यूमर माइक्रोएन्वायरमेंट में एम-2 मोनोसाइट्स की संख्या को कम करते हैं या उनकी कार्यक्षमता को बदलते हैं। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि न्यूट्रोफिल और मोनोसाइट्सए पर दो सफेस प्रोटीन (सीडी-86 और सीडी- 63) के स्तर रक्त और ट्यूमर दोनों नमूनों में निकटता से संबंधित थे। अन्य ट्यूमर में प्रतिरक्षा कोशिकाओं पर इन प्रोटीनों के उच्च स्तर की उपस्थिति पहले खराब रोग का निदान या जीवित रहने की कम संभावना से जुड़ी हुई है। इन मार्करों को केवल ट्यूमर में देखने की जरूरी नहीं है। इन्हें रक्त मेें भी देख सकते हैं। चिकित्सक अपने विवेक के अनुसार मूल्यांकन कर सकते हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Corona Update in Delhi: दिल्ली में संक्रमण दर 30% के पार, बीते 24 घंटे में आए कोरोना के 24,383 नए मामलेSSB कैंप में दर्दनाक हादसा, 3 जवानों की करंट लगने से मौत, 8 अन्य झुलसे3 कारण आखिर क्यों साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2-1 से सीरीज हारा भारतUttar Pradesh Assembly Election 2022 : स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई विधायक सपा में शामिल, अखिलेश बोले-बहुमत से बनाएंगे सरकारParliament Budget session: 31 जनवरी से होगा संसद के बजट सत्र का आगाज, दो चरणों में 8 अप्रैल तक चलेगानिलंबित एडीजी जीपी सिंह के मोबाइल, पेन ड्राइव और टैब को भेजा जाएगा लैब, खुल सकते हैं कई राजUP Election 2022: सपा कार्यालय में आयोजित रैली में टूटा कोविड प्रोटोकॉल, लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में सपा नेताओं पर FIR दर्जGujarat Hindi News : दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में दो छात्राओं समेत पांच की मौत
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.