चिलचिलाती धूप व मच्छरों के प्रकोप से जनता त्रस्त

एक ओर जहां दिन में चिलचिलाती धूप से लोगों का बुरा हाल है, वहीं दूसरी तरफ रात में मच्छरों का प्रकोप। न दिन में चैन और न ही रात को सुकून। आखिर लोग करें भी तो क्या करें?।

By: शंकर शर्मा

Published: 29 Mar 2019, 12:07 AM IST

शिवमोग्गा. एक ओर जहां दिन में चिलचिलाती धूप से लोगों का बुरा हाल है, वहीं दूसरी तरफ रात में मच्छरों का प्रकोप। न दिन में चैन और न ही रात को सुकून। आखिर लोग करें भी तो क्या करें?।

शहर में इन दिनों मच्छरों की तादात काफी बढ़ चुकी है। रातभर पंखे और कूलर चलाने के बावजूद इन मच्छरों से पार पाना कठिन हो रहा है। मच्छरों के काटने से बीमारियों का अंदेशा तो बना ही रहता है किन्तु रात में सोना भी दूभर हो गया है। बच्चे हों या घर के बड़े सदस्य, सभी इन मच्छरों से परेशान हैं।


लोग मच्छरों से बचाव के लिए घरों में ओडोमास या ऑलआउट जैसी मच्छर भगाने के साधनों का उपयोग भी कर रहे हैं लेकिन इन मच्छरों पर इनका भी कोई असर नहीं हो रहा है। इतना सबकुछ होने के बावजूद मच्छरों पर नियंत्रण करने की दिशा में नगर निगम की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। निगम अधिकारी व कर्मचारी जनता की परेशानियों को समझने या उसके समाधान ढूंढने के बजाय चुनाव प्रचार कार्य में, जनप्रतिनिधियों की सेवा में अधिक व्यस्त दिखाई दे रहे हैं। जनता में निगम अधिकारियों व प्रशासन के खिलाफ काफी आक्रोश दिखाई दे रहा है।


कच्ची बस्तियों का तो और भी बुरा हाल
कच्ची बस्तियों में मच्छरों का प्रकोप सबसे अधिक है। इससे लोगों का बुरा हाल हो रहा है। जनता का कहना है कि प्रशासन की ओर से समय-समय पर सडक़ों व नालियों की सफाई के साथ-साथ निश्चित अंतराल में फोगिंग भी की जाए, तभी मच्छरों से निजात मिल सकती है। दिन ढलते ही मच्छरों का घरों में प्रवेश शुरू हो जाता है। पंखे, कूलर, वातानुकूलित, मच्छर भगाने वाले उपकरणों के बावजूद भी मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है।

बढ़ा मच्छरों का प्रकोप
बढ़ती धूप से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा है। मच्छरों पर
काबू पाने की दिशा में निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासन को इस दिशा में पहल करने की आवश्यकता है। आईडिएल गोपी, पूर्व पार्षद

हो रही परेशानी
इन दिनों शहर में मच्छरों की तादात काफी बढ़ गई है। शाम होते ही सडक़ों पर खड़े रहना भी दुश्वार हो गया है। मच्छरों की रोकथाम के लिए संबंधित अधिकारियों को ठोस कदम उठाने चाहिए
महेश पाई, मेडिकल शॉप के मालिक

ठोस कदम उठाएं
नहर, नाले, खुले भूखंड सभी कचरे की खान में परिवर्तित हो चुकी हैं। तुंगा नदी के नाले, खुले मूत्रालय मच्छरों के पनपने के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। जनता की पुरजोर मांग है कि प्रशासन शहर में बढ़ते मच्छरों के प्रकोप को रोकने की दिशा में शीघ्र ठोस कदम उठाए। सी. रमेश, पर्यावरणविद

साफ-सफाई पर दें ध्यान
&मच्छरों के काटने से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी कई बीमारियों से जूझना पड़ता है। सोते वक्त मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए। घर के आस-पास साफ सफाई के प्रति विशेष ध्यान देना चाहिए।
डॉ. एमआर रक्षित, चिकित्सक, इंडियन हार्ट सेंटर

शंकर शर्मा
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