दिसम्बर में लगाई धारा १४४ अवैध: हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों के मद्देनजर पिछले साल 18 दिसंबर को धारा 144 के तहत बेंगलूरु में लगाए गए निषेधात्मक आदेश अवैध हैं।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 13 Feb 2020, 08:57 PM IST

बेंगलूरु. कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों के मद्देनजर पिछले साल 18 दिसंबर को धारा 144 के तहत बेंगलूरु में लगाए गए निषेधात्मक आदेश अवैध हैं।

हालांकि मुख्य न्यायाधीश एएस ओका की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश को रद्द करने से मना कर दिया। हाईकोर्ट ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद राजीव गौड़ा, कांग्रेस विधायक सौम्या रेड्डी और शहर के कुछ अन्य लोगों की याचिकाओं को आंशिक रूप से अनुमति दे दी। कोर्ट ने मामले में नतीजे तक पहुंचने के लिए अनुराधा भसीन मामले और रामलीला मैदान की घटना में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की मदद ली।

बता दें कि यह मामला बेंगलूरु पुलिस आयुक्त द्वारा 18 दिसंबर को सार्वजनिक रैलियों पर प्रतिबंध लगाने के दिए आदेश की वैधता से संबंधित था। रैलियों का आयोजन 19 दिसंबर को किया जाना था।

आदेश की चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस अभय ओका और जस्टिस प्रदीप सिंह येरुर की बेंच ने कहा कि यह वास्तव में एक निरोधक उपाय है। निरोधक उपाय से नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए इन याचिकाओं को प्रारंभिक चरण में सुनवाई के लिए स्वीकार किया जाना चाहिए।

Santosh kumar Pandey Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned