तप से होता है आत्म शक्ति का जागरण-साध्वी डॉ. मंगलप्रज्ञा

धर्मसभा का आयोजन

By: Yogesh Sharma

Published: 14 Sep 2021, 07:39 AM IST

मैसूरु. अग्रहार स्थित तेरापंथ भवन में विराजित साध्वी डॉ.मंगलप्रज्ञा ने कहा कि जैन परम्परा में तप का बड़ा महत्व है। तपस्या द्वारा आत्मशक्ति का जागरण होता है। तप ऐसा प्रकाश स्तम्भ है, जिसका आलम्बन व्यक्ति को मंजिल तक पहुंचा देता है। कर्म निर्जरण के लिए किया गया तप व्यक्ति को आनन्द और शांति प्रदान करता है। तप के द्वारा आत्मा उच्च दिशा में प्रस्थान करती है। तप के साथ जाप, स्वाध्याय, ध्यान आदि अनुष्ठान करने से तप विशिष्ट शक्तिशाली बन सकता है। शरीर और मन की शुद्धता के लिए तपस्या अमोघ उपाय है। तप की साधना मनोबल के बिना संभव नहीं। उन्होंने कहा इस बार मैसूरु के श्रद्धालुओं ने तप की साधना की है। तीन मासखमण, तीन पचरंगी तप के साथ नौ व्यक्तियों ने ९ की तपस्या की। चन्दन बाली के तेले करने वाले भाई बहनों की संख्या भी ४० के करीब है। युवावर्ग में तप के प्रति आस्था शुभ भविष्य का ***** है। नंजनगुड से समागत जतिन भटेवरा ने ९,मैसूरु से कमलेश गांधी ने ८,अभिषेक बड़ोला ने ९ एवं पूनम नंगावत ने ९ की तपस्या की। सभी तपस्वियों ने साध्वी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। भूमि गांधी ने अपनी शुभकामना प्रस्तुत की। साध्वी सुदर्शन प्रभा, साध्वी सिद्धियशा, साध्वी राजुल प्रभा, साध्वी चेतन्य प्रभा,साध्वी शौर्य प्रभा ने तपस्वियों के प्रति अनुमोदन गीत प्रस्तुत किया। तेरापंथ सभा महिला मंडल एवं युवक परिषद ने तपस्वियों का सम्मान किया। संचालन साध्वी राजुल प्रभा ने किया।

Yogesh Sharma Reporting
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