‘भाजपा का ऑफर ठुकराएंगी सुमालता’

मंत्री यूटी खादर ने दावा किया है कि अवसरवादिता की राजनीति में माहिर भाजपा की मंड्या जिले में जडें नहीं हैं, इसलिए सुमालता को भाजपा में शामिल करने का प्रयास किए जा रहे हैं।

By: शंकर शर्मा

Published: 03 Mar 2019, 02:42 AM IST

मेंगलूरु. मंत्री यूटी खादर ने दावा किया है कि अवसरवादिता की राजनीति में माहिर भाजपा की मंड्या जिले में जडें नहीं हैं, इसलिए सुमालता को भाजपा में शामिल करने का प्रयास किए जा रहे हैं। यहां शनिवार को उन्होंने कहा कि सुमालता सांप्रदायिक भाजपा के जाल में नहीं फंसेंगी। अंबरीश समाज के हर वर्ग को साथ में लेकर चलते थे। ऐसे में सुमालता उनके सिद्धांतों पर चलते हुए सांप्रदायिक भाजपा से दूर रहेंगी।

जद-एस से किसी ने नहीं की बात: सुमालता

मैसूरु. दिवंगत अभिनेता अंबरीश की पत्नी सुमालता ने शनिवार को कहा कि जनता दल-एस के किसी भी नेता ने उनसे चुनाव संबंधी बात नहीं की है। यहां सुत्तूर मठ के प्रमुख डॉ शिवरात्री देशिकेंद्र से आशीर्वाद लेने पहुंची सुमालता ने कहा कि गत पांच दिनों से वह मण्ड्या लोकसभा क्षेत्र में शामिल सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर वहां के अंबरीश प्रशंसकों का मन टटोल रही हैं। प्रशंसक उन पर इसी क्षेत्र से चुनाव लडऩे के लिए दबाव बना रहें है।
इस क्षेत्र में अगर कांग्रेस का टिकट नहीं मिलता है तो वह प्रशंसकों के साथ संवाद कर अंतिम
फैसला करेंगी।

युवा मतदाता पहले मतदान करें फिर अधिकार की बात: सीइओ
बेंगलूरु. मतदान देश के नागरिकों को मिला गणतंत्र का परम अधिकार है। लेकिन देश के हजारों युवा आज भी मतदान के प्रति अपेक्षित आसक्ति नहीं दिखा रहें है। मतदान किए बगैर केवल अपने अधिकारों की बात करना तार्किक नहीं है।


अगर हम मतदान करेंगे तभी हमको हमारे अपेक्षाओं पर खरा उतरनेवाला प्रशासन मिलेगा। इसलिए युवाओं को अधिकार की बातें करने से पहले मतदान करने का सामाजिक दायित्व निभाना होगा। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीइओ) संजीव कुमार ने यह बात कही। शहर में शनिवार को सरकारी कला तथा विज्ञान कॉलेज में मतदाता सतर्कता अभियान के अंतर्गत आयोजित युवा रैली को हरी झंडी दिखाने से पहले उन्होंने कहा कि युवा मतदाताओं के सबसे पहले इस बात को सुनिश्चित करना चाहिए की क्या उनका नाम मतदाता सूची में शामिल है। अगर नहीं है तो मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए आवेदन करना चाहिए।


उन्होंने कहा कि सब लोग अच्छा तथा पारदर्शी प्रशासन चाहते हैं। मतदान करके ही हम संवेदनशील तथा समाज के प्रति जवाबदेह जनप्रतिनिधियों का चयन कर सकते हैं। अगर हम मतदान नहीं करते हुए केवल व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते रहेंगे तो इससे व्यवस्था में कोई परिवर्तन संभव नहीं है। मतदान के माध्यम से ही हम प्रशासन में बदलाव ला सकते हंै। अधिकारों के साथ-साथ हमें हमारे सामाजिक कर्तव्यों के निर्वहण पर भी ध्यान देना होगा।


विश्व के कई देशों में मतदान के अधिकार के लिए संघर्ष हुआ है। ऐसे में हमें आसानी से मिले मतदान के अधिकार का हरहाल में उपयोग करना चाहिए। जब देश का प्रत्येक नागरिक ऐसा संकल्प करेगा तभी जाकर गणतंत्र वास्तविक अर्थ में सफल होगा। चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रलोभन दिखाने के लिए कई प्रयास किए जाते हंै। मतदाताओं को ऐसे तमाम प्रलोभनों को ठुकराकर एक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देते हुए मतदान करना चाहिए।


इस अवसर पर कॉलेज शिक्षा विभाग की आयुक्त डॉ. एन. मंजुला, विज्ञान कॉलेज की प्रिंसिपाल प्रो. के.एस. वीणा, कला कॉलेज के प्रिसिंपाल एज.जे. मूर्ति, चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी तथा व्याख्याता उपस्थित थे। विद्यार्थियों ने इस अवसर पर सरकारी कला कॉलेज कृष्णराजा चौराहा होते हुए विधानसौधा तक मतदान जन जागृति रैली निकाली।

शंकर शर्मा
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