सर्वदलीय बैठक बुलाने पर शिवकुमार खफा

सब कुछ लूटने के बाद अब सर्वदलीय बैठक बुलाना अर्थहीन

By: Sanjay Kulkarni

Published: 11 Apr 2021, 06:03 AM IST

बेंगलूरु. कोरोना महामारी के दौरान राज्य सरकार को विपक्ष की याद नहीं आयी। महामारी पर नियंत्रण की आड़ में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार करने के बाद अब सत्तापक्ष को विपक्ष की याद आ रही है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने यह बात कही।
बेलगावी में शुक्रवार को उन्होंने कहा कि सब कुछ लूटने के बाद अब सर्वदलीय बैठक बुलाना अर्थहीन है।

विपक्ष ने केंद्र तथा राज्य सरकार के साथ महामारी के दौरान हमेशा सहयोग किया। केंद्र सरकार के कथित 20 लाख करोड़ के पैकेज से किसको लाभ मिला, यह बताने को केंद्र सरकार तैयार नहीं है। पैकेज में कर्नाटक की जनता को क्या मिला, यह बताने के लिए राज्य सरकार तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के नाम पर केंद्र तथा राज्य सरकार ने राजस्व को लूटा है। केंद्र तथा राज्य में ऐसी भ्रष्ट सरकार कभी नहीं देखी गई। कोरोना महामारी की आड़ में ही 16 हजार करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार किया गया है। विधानमंडल के सत्र के दौरान इस मामले को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देने में राज्य सरकार विफल रही है। महामारी के दौरान ऑटो चालक, धोबी तथा अन्य लोगों को 5-5 हजार रुपए देने की घोषणा की गई थी।

इस योजना के अंतर्गत कितने ऑटो चालकों को सहायता दी गई, इस सवाल का राज्य सरकार के पास जवाब नहीं है।
राज्य के 7 शहरों में रात्रिकालीन कफ्र्यू लगाने पर उन्होंने कहा कि सरकार के पास कोई स्पष्ट योजना नहीं होने के कारण ऐसे अव्यवहारिक निर्णय लिए जा रहे हैं।

बस में शत-प्रतिशत यात्री भरने की अनुमति है लेकिन सिनेमाघरों में 50 फीसदी दर्शकों की शर्त लगाई जा रही है। क्या यह निर्णय संदलवुड के लिए हानिकारक नहीं है? भाजपा के पास प्रशासन चलाने का अनुभव नहीं होने के कारण ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में कोई समन्वय नहीं होने के कारण सरकार अपने ही फैसले पलट रही है। मैसूरु जिलाधिकारी ने कुछ दिशा-निर्देश जारी किए थे। उन्हें चंद घंटों में ही बदलकर राज्य सरकार ने जिलाधिकारियों को ऐसे फैसले लेने का अधिकार नहीं होने की बात कह दी।

Congress
Sanjay Kulkarni Reporting
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