खेल शिक्षा का हिस्सा बनाया जाए: किरण रिजीजू

केन्द्रीय खेल व युवा मामलों के राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने कहा कि खेलों को अतिरक्त पाठ््यक्रम गतिविधि नहीं मानकर उनको शिक्षा का मूल हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

By: Santosh kumar Pandey

Published: 03 Jan 2020, 08:41 PM IST

बेंगलूरु. केन्द्रीय खेल व युवा मामलों के राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने कहा कि खेलों को अतिरक्त पाठ््यक्रम गतिविधि नहीं मानकर उनको शिक्षा का मूल हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने दक्षिण कन्नड़ जिले के मूड़बिदरी के स्वराज मैदान में 80 वीं अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का उद्घाटन करने के बाद नवगठित नारा खेलोगे , कूदोगे, बनोगे लाजवाब का नारा देकर वादा किया कि वे भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले हरेक खिलाड़ी को उनके जीवनभर के लिए आवश्यकता के अनुरूप सहायता उपलब्ध करवाते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि खेलों के प्रति लोगों की मानसिकता बदल रही है और इसे संस्कृति के हिस्से के तौर पर लिया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि भारत को ओलंपिक में विश्व चैम्पीयन के तौर पर देखने का उन्होंने सपना देखा है। नया भारत एक फिट भारत होगा और सरकार ने स्कूल व विश्वविद्यालय स्तर पर खेलो इंडिया गेम्स लान्च किए हैं।

पर्यटन मंत्री सी.टी. रवि ने कहा कि पढ़ाई के साथ ही खेलों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर की गई आतिशबाजी ने श्रोंताओं को प्रभावित किया। इस प्रतियिोगिता में 350 से अधिक विश्वविद्यालयों के 4 हजार से अधिक एथलीट भाग ले रहे हैं।

Santosh kumar Pandey Desk
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