36 अस्पतालों को दिया कारण बताओ नोटिस

  • कोविड-19 मरीजों को 50 फीसदी बेड उपलब्ध कराने कें सरकार के दिशा निर्देशों के उल्लंघन का आरोप
  • 48 घंटे के भीतर निर्देश का पालन नहीं होने पर पंजीकरण निलंबन की चेतावनी

By: Santosh kumar Pandey

Published: 17 Sep 2020, 03:35 PM IST

बेंगलूरु. बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने शहर के 36 अस्पतालों को अंतिम रूप से कारण बताओ नोटिस जारी किया। इन अस्पतालों पर आरोप है कि कोविड-19 रोगियों के लिए 50 फीसदी बेड आरक्षित करने और अधिसूचित करने के राज्य सरकार के निर्देशों का पालन नहीं किया।
बीबीएमपी की ओर से जारी नोटिस में इन अस्पतालों को 48 घंटे के भीतर नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया है।

अगर अस्पताल अब इन निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो केपीएमई अधिनियम की धारा 15 के तहत उनका पंजीकरण तत्काल निलंबित कर दिया जाएगा। सौ से अधिक बेड वाले 21 अस्पतालों, 50-100 बेड वाले 10 अस्पतालों और 20-50 बेड वाले पांच अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए हैं। अस्पताल प्रबंधन को चेतावनी दी गई है कि उनके खिलाफ केपीएमई अधिनियम की धारा 19 के साथ-साथ आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत जुर्माना या कैद की सजा हो सकती है।

बीबीएमपी अधिकारियों के अनुसार सरकार की ओर से रेफर किए गए मरीजों को कई निजी अस्पतालों द्वारा यह कहकर भर्ती नहीं किया जा रहा है कि उनके पास बेड उपलब्ध नहीं हैं। इससे पता चलता है कि सरकार के लिए आरक्षित किए जाने वाले बेड निजी मरीजों को आवंटित किए जा रहे हैं।

बीबीएमपी ने अस्पतालों से 24 घंटे के भीतर गैर कोविड-19 रोगियों के बिस्तरों, सरकार की ओर से रेफर किए गए मरीजों और निजी तौर पर भर्ती किए गए मरीजों के विवरण अद्यतन करने को कहा है।

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Santosh kumar Pandey Desk
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