श्रद्धा भक्ति से करें श्रवण

साध्वी सुमित्रा ने मंगलपाठ प्रदान किया

By: Ram Naresh Gautam

Published: 12 Aug 2018, 07:08 PM IST

बेंगलूरु. हनुमंतनगर जैन स्थानक में साध्वी सुप्रिया ने कहा कि वीतराग वाणी का श्रवण श्रद्धा भक्ति से करें। प्रभु महावीर ने भावना का बड़ा महत्व बताया है। उन्होंने कहा कि इंसान की विचारधाराएं परिस्थितिवश द्रव्य, क्षेत्र, काल , भाव के अनुसार घटती भी रहती है और बढ़ती भी रहती है। अच्छी संगति और गुरु दर्शन करने, धर्म स्थान में आने पर व्यक्ति के भाव उत्कृष्ट बनते हुए शुभ से उत्तरोत्तर शुभ हो जाता हैं।

यदि धर्म स्थान में आकर भी जो निंदा चुगली करता रहता है, जिनसे हमारा कोई संबंध नहीं है। अहंकारवश और क्रोधवश भावों के कारण जाने अनजाने में द्वेष भावों की परिणति से इंसान कई कर्मों का बंध कर लेता है और अपनी आत्मा को भारी बना लेता है। साध्वी सुमित्रा ने मंगलपाठ प्रदान किया। संचालन उपाध्यक्ष अशोक कुमार गादिया ने किया। रविवार को आचार्य आनंद ऋषि व केवल मुनि की जयंती सुबह 9.15 बजे से मनाई जाएगी।


वटवृक्ष की भांति था आचार्य आनंद का जीवन
बेंगलूरु. श्रीरामपुरम जैन स्थानक में दिव्य ज्योति ने कहा कि लाखों, करोड़ों लोग जन्म लेते हैं, लेकिन उन्हें कोई स्मरण नहीं करता। वे काल के गाल में समा जाते हैं। उन्हें कोई याद नहीं करता, उनके जीवन में कोई विशेषता नहीं होती। कुछ ऐसी महान विभूतियां ऐसी होती हैं जिनकी आत्मा बड़ी पवित्र होती है। हम उन्हे स्मरण करते हैं और स्मरण करके आनंद भी व्यक्त करते हैं। ऐसी ही महापुरुषों की कड़ी में आचार्य आनंद ऋषि का जीवन वटवृक्ष की भांति था। उनकी छांव में लाखों लाख भक्तों ने शांति पाई।

 

केजीएफ में मनाया आयम्बिल दिवस
केजीएफ. केजीएफ में साध्वी जयश्री आदि ठाणा 3 के सान्निध्य में शनिवार को आचार्य आनंद ऋषि व केवल मुनि की जयंती आयम्बिल दिवस के रूप में मनाई गई। साध्वी ने आचार्य आनंद व केवल मुनि के गुणगान किए। श्रावकों ने आयंबिल तप की आराधना की। सभा में यशवंतपुर से सुमेरसिंह, रमेश बोहरा, उत्तम भलगट, यशपाल, शांतिलाल भलगट व सूरत से कई श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया। संघ मंत्री कांतिलाल दुगड़ ने स्वागत किया।

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Ram Naresh Gautam Desk
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