श्रुति हरिहरण ने अपना बयान बदला

अभिनेत्री श्रुति हरिहरण ने अपना बयान बदल कर सभी को आश्चर्य किया और कहा कि उसने अभिनेता अर्जुन सर्जा के खिलाफ यौन उत्पीडऩ का आरोप नहीं लगाया था।

By: शंकर शर्मा

Published: 15 Nov 2018, 05:44 AM IST

बेंगलूरु. अभिनेत्री श्रुति हरिहरण ने अपना बयान बदल कर सभी को आश्चर्य किया और कहा कि उसने अभिनेता अर्जुन सर्जा के खिलाफ यौन उत्पीडऩ का आरोप नहीं लगाया था। उसने बुधवार शाम राज्य महिला आयोग की चेयरमैन विमला बाई के समक्ष उपस्थित होकर अपना बयान दिया।

नागलक्ष्मी बाई ने श्रुति हरिहरण का बयान लिया। बाहर आने के बाद श्रुति ने कहा कि उसने यौन उत्पीडऩ से संंबंधित कोई बयान नहीं दिया। उसके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। श्रुति के साथ उसका वकील अनंत नायक भी था। नागलक्ष्मी बाई ने पत्रकारों को बताया कि वे श्रुति के बयान से बहुत नाराज हैं। किसी भी महिला को यौन उत्पीडऩ का शिकार होने पर सीधे पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने से न्याय नहीं मिलेगा। टीवी पर श्रुति का बयान देखने के बाद आयोग ने मामला दर्ज कर बयान देने के लिए नोटिस जारी किया।

केंद्रीय अध्ययन दल 17 से करेगा सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा
बेंगलूरु. राज्य के 13 जिलों के 100 तालुकों में इस साल सूखे के हालात व फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमिताभ गौतम की अगुवाई में दस सदस्यीय दल १७ से 19 नवंबर तक प्रदेश के सूखा प्रभावित जिलों का दौरा करेगा।


राज्य के राजस्व मंत्री आर.वी.देशपांडे ने कहा कि कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमिताभ गौतम की अगुवाई में आने वाला यह दल तीन समूहों में विभाजित होकर प्रदेश के सूखा प्रभावित जिलों में जाकर जमीनी हालात का अध्ययन करेगा। दल पहले दिन यादगीर व रायचूर, दूसरे दिन बल्लारी तथा दावणगेरे जिलों का दौरा करेगा। डा. महेश की अगुवाई वाली दूसरी टीम धारवाड़, बेलगावी, विजयपुरा व गदग जिलों तथा मानस चौधरी के नेतृत्व वाली तीसरी टीम कोलार, चिक्कबल्लापुर, तुमकूरु तथा चित्रदुर्गा जिलों का दौरा करेंगी।


तीन दिनों तक हालात का अध्ययन करने के साथ ही ये दल फसलों को पहुंचे नुकसान का जायजा लेंगे। 20 नवम्बर को तीनों टीमों के सदस्य बेंगलूरु में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा राजस्व व कृषि मंत्री के साथ बैठक कर सूखे के संबंध में अतिरिक्त जानकारी एकत्रित करेंगे। बाद में केंद्र सरकार को रिपोर्ट पेश करेंगे।


गौरतलब है कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 13 जिलों के 100 तालुकों को इस साल सूखा प्रभावित घोषित किया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री कुमारस्वामी व राजस्व मंत्री आर.वी.देशपांडे ने केंद्र सरकार से सूखा प्रभावित इलाकों का अध्ययन करने के लिए केंद्र सरकार से अध्ययन दल भेजने का अनुरोध किया था।

शंकर शर्मा
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