भ्रष्टाचार का पर्यायवाची बन गई है सिद्धरामय्या सरकार

भ्रष्टाचार का पर्यायवाची बन गई है सिद्धरामय्या सरकार

Shankar Sharma | Publish: Jan, 26 2018 09:09:15 PM (IST) Bangalore, Karnataka, India

कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर हमला बोलते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि यह सरकार भ्रष्टाचार का पर्यायवाची बन गई है।

मैसूरु. राज्य में सिद्धरामय्या के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर हमला बोलते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि यह सरकार भ्रष्टाचार का पर्यायवाची बन गई है। सिद्धरामय्या सरकार का मतलब भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचार का मतलब सिद्धरामय्या सरकार है।


हेबलोट घड़ी का मसला उठाते हुए शाह ने सवाल किया कि क्या हम में से किसी के पास 70 लाख रुपए मूल्य की कलाई घड़ी है? लेकिन आपके मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं लांघ ली हैं और 70 लाख रुपए की घड़ी बांधते हैं। शाह ने कहा कि हम कर्नाटक के किसानों व युवाओं की स्थिति में बदलाव लाना चाहते हैं और प्रदेश की महिलाओं को संरक्षण व सुरक्षा प्रदान करना चाहते हैं। हम भ्रष्टाचार व तुष्टिकरण की राजनीति का अंत करना चाहते हैं।

उन्होंने प्रदेश की जनता से सिद्धरामय्या के नेतृत्व वाली भ्र्रष्ट कांग्रेस सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने की अपील की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से विकास का हिसाब मांगने के सिद्धरामय्या के बयान पर पलटवार करते हुए शाह ने कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री को अपनी सरकार का हिसाब देना चाहिए। मोदी सरकार ने केन्द्रीय राजस्व में कर्नाटक के हिस्से को 13 वें वित्त आयोग के 88,58 3 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 14 वें वित्त आयोग में 2 लाख 19 हजार 500 करोड़ रुपए कर दिया है।


शाह ने कहा कि बी.एस. येड्डियूरप्पा के नेतृत्व में निकाली गई परिवर्तन यात्रा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दिलों में भय उत्पन्न कर दिया है। भाजपा ने यह यात्रा केवल सरकार बदलने के लिए ही नहीं बल्कि युवाओं के जीवन में बदलाव लाने व महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए निकाली है।


शाह ने कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति के कारण तीन तलाक का विरोध कर रही है पर वे मुस्लिम महिलाओं को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनको न्याय दिलाने के लिए इस विधेयक को पारित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों में राज्य में 20 से अधिक भाजपा-आरएसएस कार्यकर्ताओं की हत्याएं हुई हैं लेकिन सिद्धरामय्या की सरकार ने हत्यारों को खुला छोड़ दिया है और इस सरकार ने हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई करने का कोई उपक्रम नहीं किया है। यह सरकार की सम्पूर्ण विफलता है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर इन हत्याओं मेें लिप्त रहे लोगों को पाताल से ढूंढ कर लाएंगे और सजा दिलाएंगे। राज्य में पिछले पांच सालों में 3,500 से अधिक किसानों ने आत्महत्याएं की है लेकिन राज्य सरकार ने किसानों का राहत पहुंचाने के कोई कदम नहीं उठाए हैं।

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