सिद्धरामय्या को जान का खतरा!

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या की जान का खतरा होने की आशंका जताते हुए उद्योग मंत्री के.जे.जार्ज, पंचायती राज मंत्री कृष्णा बैरेगौड़ा तथा मंत्री जमीर अहमद खान ने मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के साथ मुलाकात कर उनकी सुरक्षा बढाने की अपील की।

By: Ram Naresh Gautam

Published: 30 Dec 2018, 06:03 PM IST

बेंगलूरु. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या की जान का खतरा होने की आशंका जताते हुए उद्योग मंत्री के.जे.जार्ज, पंचायती राज मंत्री कृष्णा बैरेगौड़ा तथा मंत्री जमीर अहमद खान ने मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के साथ मुलाकात कर उनकी सुरक्षा बढाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सिद्धरामय्या की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम की दरकार है। इसे ध्यान में रखते हुए सिद्धरामय्या को कावेरी निवास में ही रहने की विशेष अनुमति मिलनी चाहिए। सिद्धरामय्या कांग्रेस विधायक दल के नेता भी हैं इसलिए उन्हें कैबिनेट मंत्री के समकक्ष सुविधाएं मुहैया कराई जाए। हालांकि, सिद्धरामय्या ने इस मामले को लेकर अभी तक सरकार से कोई संवाद नहीं किया है।
इस अपील पर मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि सिद्धरामय्या राज्य के एक वरिष्ठ नेता है। पूर्व मुख्यमंत्री होने के कारण उनको प्रोटोकॉल के मुताबिक सुरक्षा प्रदान की गई है। अगर सिद्धरामय्या इस सुरक्षा को बढ़ाना चाहते हैं तो उनको सरकार से ऐसी मांग करनी चाहिए। लेकिन, डीपीआर के नियमों के मुताबिक सिद्धरामय्या को कावेरी बंगले का आवंटन किया जाना संभव नहीं है। इसलिए यह बंगला केजे जार्ज को आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री ने जार्ज को स्पष्ट कर दिया है कि केवल समन्वय समिति के अध्यक्ष होने पर सिद्धरामय्या को कैबिनेट मंत्री की सुविधाएं मुहैया करना संभव नहीं है। अगर ऐसी सुविधाएं दी भी जाती है तो सिद्धरामय्या विधायक का पद ही गवां सकते है। इससे पहले भी कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी को ऐसी सुविधाएं दिए जाने पर कानूनी मामला फंसा था। देश के किसी भी राज्य में समन्वय समिति के अध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री के समकक्ष सुविधाएं नहीं दी गई हैं।
उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री को हार के बाद भी दो माह तक उनके लिए आवंटित निवास में रहने की अनुमति है। लेकिन चुनाव परिणाम घोषित होने के 7 माह के बाद भी पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने उनको आवंटित कावेरी बंगला खाली नहीं किया है। राज्य सरकार ने मंत्री के.जे. जॉर्ज को यह बंगला आवंटित किया है।

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