मतदान के उल्लास में बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा

मतदान के उल्लास में बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा

Sanjay Kumar Kareer | Publish: May, 13 2018 06:56:51 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

चिकपेट में दुकानदारों ने मतदान को भरपूर समर्थन दिया और अधिकांश प्रमुख बाजार और दुकानें पूरे दिन बंद रहीं

बेंगलूरु. राज्य और बेंगलूरु के व्यापारिक गतिविधियों के प्रमुख केन्द्र चिकपेट पर भी शनिवार को मतदान का असर दिखा और पूरे बाजार क्षेत्र में मतदान का उत्साह दिखा। आम दिनों में भीड़ और वाहनों से पटे रहने वाले चिकपेट में दुकानदारों ने मतदान को भरपूर समर्थन दिया और अधिकांश प्रमुख बाजार और दुकानें पूरे दिन बंद रहीं। वहीं जिन बाजारों में दुकानें खुली थीं वहां भी ग्राहकों की संख्या बेहद कम थी। गांधीनगर और चिकपेट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस व्यापारिक क्षेत्र में करीब दो दर्जन मतदान केन्द्र हैं। चिकपेट, नगरथपेट, आरटी स्ट्रीट, कब्बनपेट, कोटनपेट, एसपी रोड, किल्लारी रोड, अक्कीपेट, कलासीपाल्यम, बम्बू बाजार, शिवाजी टॉकिज, एसपी रोड, जेसी रोड आदि क्षेत्रों में स्थित मतदान केन्द्रों पर सुबह से भी मतदाताओं का आना शुरू हो गया।

हालांकि सुबह नौ बजे के बाद मतदाताओं की भारी भीड़ उमडऩी शुरू हुई जो दोपहर बाद देखी गई। इस दौरान पुरुषों के साथ ही बड़ी संख्या में महिला मतदाता भी कतारबद्ध दिखे। वहीं पहली बार मतदान कर रहे युवा मतदाताओं ने भी उत्साह के साथ मतदान में भाग लिया। चिकपेट को मुख्य रूप से प्रवासियों का गढ़ माना जाता है। राजस्थान, गुजरात और अन्य हिंदीभाषी राज्यों के हजारों प्रवासी इस क्षेत्र में मतदाता हैं। मतदान के समर्थन में ज्यादातर प्रवासियों ने अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे और मतदान के लिए परिवार के साथ मतदान केन्द्र पर पहुंचे।

 

सड़कें सुनसान, बाजार वीरान
अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बंद रहने के कारण चिकपेट क्षेत्र में भीड़ का नामोनिशान नहीं दिखा। सड़कें सुनसान और बाजार वीरान दिखे। हालांकि दोपहर बाद कुछ दुकानों की शटर उठी और ग्राहकों की आवाजाही भी बढी लेकिन मतदान का सीधा असर चिकपेट पर दिखा और बाजार क्षेत्र में ग्राहक नदारद रहे।

 

मतदान के दिन भी दूर नहीं हुई गंदगी
गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र का मतदान केन्द्र संख्या 173, 178 और 179 किल्लारी रोड स्थित सीबी भंडारी स्कूल परिसर में था। मतदान केन्द्र के प्रवेश द्वार के पास उचित साफ सफाई का अभाव मतदान के दिन भी बरकरार रहा और कचरा पसरा रहा। कचरा और बदबू के कारण न सिर्फ मतदानकर्मी और सुरक्षा में तैनात पुलिसवाले बल्कि आम मतदाताओं को भी नाक ढंकर गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा। स्कूल के प्रवेश द्वार के पास अमूमन हर दिन यही स्थिति बनी रहती है।

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