स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2020 : मैसूरु के छह छात्र फाइनल में पहुंचे

हैक एलीट्स नामक छह छात्रों के समूह ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2020 के फायनल में प्रवेश किया है

By: Sanjay Kumar Kareer

Updated: 01 Aug 2020, 11:29 PM IST

बेंगलूरु. महलों के शहर मैसूरु के छह छात्रों के एक समूह ने स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2020 के फायनल में प्रवेश कर लिया है। हैकाथॉन छात्रों को दैनिक जीवन में आने वाली समस्याएं हल करने का मंच प्रदान करने की एक राष्ट्रव्यापी पहल है। इसका उद्देश्य उत्पाद नवाचार की संस्कृति और समस्या हल करने की मानसिकता विकसित करना है।

मैसूरु से हैकाथॉन में भाग लेने वाले छह युवा मैसूर कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट के छात्र हैं और वे अपने विचार महिला और बाल विकास मंत्रालय के सामने रख रहे हैं। टीम का नाम हैक एलीट्स है और इसका नेतृत्व उम्मे सूफिया कर रही हैं। टीम के अन्य सदस्य कंप्यूटर विज्ञान और सूचना विज्ञान विभाग के छात्र के. यशवंत, प्रिया एम. डॉली, एस. शरथ, सामिया शौकत खान और आफरीन खानम हैं। सहायक प्रोफेसर एचएस हर्ष कुमार और आर.रूपा टीम मेंटर हैं।

यह टीम एनजीओ और आइएमओ (मध्यस्थ संगठनों) के लिए एक सूचना प्रबंधन प्रणाली (सॉफ्टवेयर) का निर्माण कर रही है, ताकि जरूरतमंद महिलाओं के लिए सरकार से वित्तीय सहायता मिल सके। इसके साथ ही टीम का उद्देश्य एक असाधारण सूचना प्रबंधन प्रणाली, प्रभावी संवाद और निगरानी प्रणाली बनाना भी है, जहां नई दिल्ली में बैठे अधिकारियों को भ्ज्ञी यह पता चल सकेगा कि जमीनी स्तर पर महिलाओं को कैसे लाभ मिल रहा है।

उम्मे सूफिया ने बताया कि उनकी टीम राष्ट्रीय महिला सेवा केंद्र नामक एक सॉफ्टवेयर का निर्माण कर रही है, जहां महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा महिलाओं को ऋण दिया जाता है। सॉफ्टवेयर इस बात की निगरानी को सुगम बनाता है कि महिलाओं तक पैसे को कैसे पहुंचाया जा रहा है और वे उसका उपयोग कैसे कर रही हैं। सूफिया ने बताया कि इसमें रिपोर्टिंग और आपसी संवाद की व्यवस्था है ताकि फंड वास्तविक लाभार्थी तक पहुंच सके। महिलाओं द्वारा किए गए फंड के उपयोग और लाभों पर भी नजर रखी जाती है और सरकार के उच्च अधिकारियों को सूचित किया जाता है।

इस वर्ष के सॉफ्टवेयर संस्करण का फायनल पूरे देश में सभी प्रतिभागियों को एक विशेष रूप से निर्मित प्लेटफॉर्म पर एक साथ जोड़कर ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है। 10,000 से अधिक छात्र केंद्र सरकार के 37 विभाग, 17 राज्य सरकारें और 20 उद्योगों से 243 समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।

Sanjay Kumar Kareer Desk
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