सीमा पर हिंसक झड़प, नेताओं में जुबानी जंग

पीएम मोदी, राजनाथ की चुप्पी जन विरोधी, देशद्रोही: सिद्धरामय्याकहा-देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता के लिए खड़ी है कांग्रेस

By: Rajeev Mishra

Updated: 17 Jun 2020, 11:37 PM IST

बेंगलूरु.
भारत-चीन सीमा पर दोनों सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़पों को लेकर प्रदेश के शीर्ष नेताओं के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की कथित चुप्पी को 'देशद्रोही' और 'जन-विरोधी' करार दिया तो प्रहलाद जोशी ने इतिहास का हवाला देते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। वहीं, रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी ने चीन को करारा जवाब देने की बात कही।

दरअसल, सिद्धरामय्या ने सोशल मीडिया पर एक साथ कई ट्वीट कर कहा कि सीमा पर जारी घटनाक्रम के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। चीन के साथ पिछले सात सप्ताहों से सीमा पर विवाद चल रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खामोश हैं। शासन करने वालों की यह खामोशी न सिर्फ जन-विरोधी है बल्कि देशद्रोही भी है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई सरकार नहीं बल्कि एक देश अपने दुश्मन देश के खिलाफ लड़ता है और जो शासक होता है वह देश के लोगों के प्रति जवाबदेह होता है। देश के लोगों ने केंद्र सरकार पर भरोसा जताया है। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस मुद्दे पर देश के लोगों को विश्वास में लेकर चले। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए।

कांग्रेस के शासनकाल में देश ने जमीन गंवाई: प्रहलाद जोशी
इसपर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि देश ने अटल बिहारी वाजपेयी अथवा नरेंद्र मोदी के शासनकाल में एक इंच भी जमीन नहीं गंवाया। सिद्धरामय्या के बयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा 'यह इतिहास में दर्ज है कि देश ने किसके शासन काल में अपनी जमीन गंवाई। अच्छा होगा कि आप अध्ययन करें। कांग्रेस के ही शासनकाल में अज्ञानता के कारण भारत ने चीन के हाथों अपनी जमीन गंवा दी।' उन्होंने आरोप लगाया कि तिब्बत को अपना समर्थन देने के बजाय कांग्रेस चीन को प्रोत्साहित करती है। अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी के शासनकाल में भारत ने अपनी कोई जमीन नहीं खोई है। देश सुरक्षित है। यह समय परिपक्वता दिखाते हुए देश के साथ खड़ा होने का है न कि चीन के साथ।

सीमा संघर्ष, सैनिकों की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण: एचडी कुमारस्वामी
उधर, पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि भारत और चीन के बीच सीमा संघर्ष और सैनिकों की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दुनिया आज कोविड-19 की समस्या से चिंतित है। ऐसे में दोनों देशों के बीच यह संघर्ष अच्छा नहीं है। भारत और चीन की सीमा पर उपजे हालात में आपसी अविश्वास और युद्ध का माहौल बनाकर योद्धाओं की हत्या और फिर सुलह-समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमा पर पिछले 45 वर्षों से ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। हालांकि, 1967 के युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच कोई सामंजस्य नहीं था फिर भी, 35 साल बाद चीनी प्रधानमंत्री वार्ता के लिए दिल्ली आए। उस समय एचडी देवेगौड़ा प्रधानमंत्री थे। दोनों देशों के बीच सीमा एक समझौता भी हुआ था। उसे ज्यादा प्रचार नहीं मिला लेकिन इतिहास में दर्ज है। वर्तमान स्थिति में, पड़ोसी देशों के बीच आपसी विश्वास बहाली की आवश्यकता है। चीनी हम पर अत्याचार नहीं कर सकते। हमारे देश की रक्षा प्रणाली मजबूत है।

चीन को उचित जवाब देंगें: सुरेश अंगड़ी
वहीं, रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी ने चीन को सबक सीखाने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश वर्ष 1962 के भारत से अलग है। वे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठकें कर रहे हैं। चीन को उचित जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कठिन समय है और देश की जनता इस वक्त सेना के साथ खड़ी है। चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का उल्लंघन किया है। चीन ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की है और इस दुस्साहस के लिए उसे भुगतना पड़ेगा।

शहीदों को श्रद्धांजलि दी, एकजुट होने का किया आह्वान
राज्य के नेताओं ने चीन के साथ संघर्ष में शहीद हुए वीरों को श्रद्धांजलि भी दी। मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा ने कहा 'भारत-चीन सीमा पर गलवान घाटी में, देश की रक्षा करते और दुश्मनों से लड़ते शहीद हुए हमारे सैनिकों की वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि।' उपमुख्यमंत्री अश्वथनारायण ने कहा 'सीमा पर विकट स्थिति है। हमें एक राष्ट्र के तौर पर एकजुट होने की जरूरत है। हमें देश की गरिमा से समझौता किए बिना अपने सुरक्षा बलों का समर्थन करना चाहिए। मुझे विश्वास है कि सरकार सैनिकों की पूर्ण देखभाल करेगी।' पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने कहा 'मैं उन बहादुर सैनिकों को सलाम करता हूं जिन्होंने हमारे देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति भी संवेदना प्रकट करता हूं। हम सभी को एक साथ खड़े होने की जरूरत है।'

Rajeev Mishra Reporting
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