साइबर सुरक्षा कार्यान्वयन की धीमी गति चिंताजनक: गुलशन राय

साइबर सुरक्षा कार्यान्वयन की धीमी गति चिंताजनक: गुलशन राय

Ram Naresh Gautam | Updated: 27 Sep 2018, 04:16:53 PM (IST) Bengaluru, Karnataka, India

डॉ. राय ने कहा कि उद्योग क्षेत्र के लिए साइबर सुरक्षा का खतरा कोई नया नहीं हैं, लेकिन...

बेंगलूरु. राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक डॉ. गुलशन राय ने बुधवार को आइसीटी इकोसिस्टम में बढ़ते साइबर अपराध के खतरों के मुकाबले सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन की धीमी गति पर चिंता जाहिर की। भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग परिसंघ चैम्बर (फिक्की) द्वारा कर्नाटक नवाचार एवं प्रौद्योगिकी सोसायटी तथा कर्नाटक सरकार के साथ मिलकर आयोजित बीटीएस साइबर कॉम-2018 का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने कहा कि हम साइबर नवाचार को रोक नहीं सकते हैं, लेकिन सुरक्षा कार्यान्वयन पर समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।

डॉ. राय ने कहा कि उद्योग क्षेत्र के लिए साइबर सुरक्षा का खतरा कोई नया नहीं हैं, लेकिन कई नए किस्म के निर्माण एवं सेवा संगठनों के लिए ये खतरा पहले से कहीं अधिक गंभीर हो रहा है। डिजिटल परिवर्तन की वर्तमान स्थिति, नई उभरती प्रौद्योगिकियों और दुनिया भर में डिजिटल इंटरकनेक्टेड के साथ साइबर सुरक्षा के खतरों में काफी वृद्धि हुई है।

कर्नाटक आइटी, बीटी एवं एसएंडटी विभाग के प्रधान सचिव गौरव गुप्ता ने साइबर सुरक्षा को एकीकृत करने के लिए राज्य सरकार के दृष्टिकोण, प्राथमिकताओं और उठाए गए कदमों की रूपरेखा बताई, जिसे राज्य के साइबर स्पेस पारिस्थितिक तंत्र द्वारा डिजाइन किया गया है। एचपी इंटरप्राइजेज भारत के उपाध्यक्ष संजय मुजो ने कहा कि डिजिटल बिजनेस अभूतपूर्व दर से बढ़ रहा है और इसी तरह से संबंधित साइबर सुरक्षा जोखिम भी बढ़ता जा रहा है, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र में 40 प्रतिशत साइबर हमले होते हैं और इनमें 90 प्रतिशत डेटा चोरी और उल्लंघनों से संबंधित मामले होते हैं।

न्यूक्लियस सॉफ्टवेयर और पोलारिस फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी के संस्थापक योगेश एंडले ने साइबर हमलों और उनके प्रभाव के केस स्टडी पेश किए। उन्होंने कहा कि साइबर चुनौतियों से व्यापार व्यवधान एक अनिवार्य घटना है, लेकिन इसके लिए हमें जागरूक और तैयार रहना होगा, क्योंकि साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई का यही पहला कदम है। आइसीटी के सह-अध्यक्ष एवं फिक्की डिजिटल इकॉनोमी समिति के अम्बरीश बकाया ने कहा कि फिक्की साइबर सुरक्षा के इस एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग और सरकार के साथ सहयोग करने और काम करने के लिए तैयार है।

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned